इंदौर में आए दिन ट्रेन हादसों की घटनाएं सामने आती है लेकिन एक बार फिर से जिस तरह की लापरवाही और संवेदनशील अधिकारियों के कारण दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है उसके कारण सभी का दिल पशीच गया है कोई भी अधिकारी खुलकर इस हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए सामने नहीं आया है तो वहीं हादसे के बाद से ही परिवार पूरी तरह से हताश है…।
-इंदौर उज्जैन के दोहरीकरण का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है और होना भी चाहिए लेकिन इस दोहरीकरण के ट्रेन ट्रायल के दौरान नजदीक ही रहने वाली दो बच्चियों की मौत हो जाने के कारण जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से मौन धारण करे हुए हैं बताया जा रहा है कि हमेशा की तरह दोनों बच्चियों अपनी कोचिंग क्लास पढ़ने के बाद अपनी सहेलियों के साथ अपने घर के जा रही थी की तभी दोहरी कारण के कार्य में बिछाई गई पुत्री को पार करने से पहले ट्रायल रन की ट्रेन उनके नजदीक पहुंच गई और दोनों बच्चियों हास्य का शिकार हो गई मृतक बच्चियों के नाम राधिका पिता दिनेश भास्कर उम्र 16 वर्ष और दूसरी बच्ची का नाम बबली पिता धन्नालाल मासरे उम्र 16 वर्षी है इन बच्चियों से आगे उनकी एक सहेली भी चल रही थी वह ट्रेन की पटरी पहले पर कर चुकी थी और दोनों मृतक बच्चियों भी ट्रेन की पटरी पार करने ही वाली थी कि अचानक से ट्रायल ट्रेन स्पीड से उनके नजदीक पहुंच गई और वह हादसे का शिकार हो गई कई देर बाद परिवार जनों को पता लगा मृतक बच्ची की सहेली का कहना है कि वह आगे निकल आई थी और उसने सोचा कि दोनों सहेली भी निकल गई होगी इसी कारण से वह कुछ दूर जाकर जब उसने अन्य लोगों से पूछा कि मृतक राधिका और बबली आ गई है तो पता चला कि नहीं आई है जिसके बाद कई देर बाद वापस से हादसे के स्थान पर पहुंचे और देखा कि दोनों बच्चियों मौके पर ही मृत अवस्था में पड़ी हुई है इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई थी जो की काफी देर बाद वहां पर पहुंची जब तक पूरा परिवार हादसे को लेकर काफी हताश हो चुका था फिलहाल हादसे के बाद से ही परिवार पूरी तरह से टूट चुका है रेलवे मंत्रालय से लेकर तमाम विभाग जांच में जुटा हुआ है बताया जा रहा है कि ट्रायल ट्रेन में रेलवे विभाग के डीआरएम रजनीश कुमार चीफ इंजीनियर धीरज कुमार शाहिद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विनीत गुप्ता भी ट्रायल ट्रेन की ट्रेन में मौजूद थे लेकिन हादसा किस कदर हो गया यह जांच का विषय है।
-वही रेलवे जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा की माने तो डबिंग के ट्रायल को लेकर रेलवे द्वारा मीडिया के माध्यम से ट्रायल की जानकारी दी गई थी, वहीं उन्होंने कहा कि अनधिकृत रूप से ट्रेन की पटरी पर करना गैरकानूनी होता है जिसमें हाथ से हो जाते हैं रेलवे जनसंपर्क अधिकारी ने सभी से गैर कानूनी रूप से पटरी पर नहीं करने को लेकर अपील भी की है
