
- लेखा-जोखा : पुलिस ने इस वर्ष 17 हजार 869 एफआइआर और 17 हजार 425 अदमचेक काटे।
इंदौर। शहर मादक पदार्थों का गढ़ बन गया है। पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना प्रकरण दर्ज हुए हैं। कोकीन, अफीम, एमडीएमए, अल्प्राजोलम से लेकर सभी प्रकार का नशा बिक रहा है। यह राजफाश पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट में हुआ है। एनडीपीएस एक्ट में इस वर्ष 148 प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं। शहर में महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से नशा आसानी से आ रहा है। प्राणघातक हमले की धाराओं में एफआइआर दर्ज होने के बाद सामान्य चाकूबाजी के मामले घटे हैं।
आयुक्त प्रणाली के बाद पहली बार 18 पैडलरों पर पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की गई है। आयुक्त मकरंद देऊस्कर के मुताबिक शहर में छोटी-छोटी बस्तियों में ड्रग के अड्डे बन चुके हैं। पुलिस ने पहली बार पैडलरों पर शिकंजा कसा है। इस वर्ष पुलिस 252 तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें बिहार-महाराष्ट्र के आरोपित भी शामिल हैं।
एफआइआर व एनसीआर
वर्ष एफआइआर एनसीआर
2021 23099 15592
2022 26315 18729
2023 23436 17425
वर्ष अपराध संख्या
2021 हत्या 49
2022 हत्या 69
2023 हत्या 48
2021 हत्या की कोशिश 86
2022 हत्या की कोशिश 92
2023 हत्या की कोशिश 149
2021 चाकूबाजी 670
2022 चाकूबाजी 674
2023 चाकूबाजी 595
2022 लूट 66
2023 लूट 271
2022 अपहरण 528
2023 अपहरण 336
2022 दुष्कर्म 351
2023 दुष्कर्म 336
2022 वाहन चोरी 3000
2023 वाहन चोरी 3300
2022 एनडीपीएस एक्ट 97 गिरफ्तारी 130
2023 एनडीपीएस एक्ट 148 गिरफ्तारी 252
आर्थिक रूप से कमजोर युवा गांजा, स्मैक, नशीली दवाओं, कोरेक्स, व्हाइटनर, थिनर, साल्यूशन का नशा करते हैं।
आर्थिक रूप से सक्षम युवा मिथाइलीनडाइआक्सी मेथैमफेटामाइन(एमडीएमए), गांजा, स्मैक, हेरोइन का नशा करते हैं।
शहर में छग, तेलांगाना से गांजा, मुंबई, हैदराबाद से एमडीएमए और अफीम राजस्थान सीमा से आ रही है।
पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत 18 आरोपितों को जेल भेजा।
350 से ज्यादा ड्रग पैडलर्स का विभिन्न थानों में डोजियर तैयार करवाया।
मादक पदार्थों की सूचना के लिए नार्को हेल्पलाइन नं.-7049108283 जारी किया।
बैटआइ एप के माध्यम से 250 पब, बार, क्लब, होटल को जोड़कर जूम फीड से निगरानी शुरू की।
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
वर्ष 2021
कार्रवाई 110
संख्या 7244
वर्ष 2022
कार्रवाई 110
संख्या 6420
वर्ष 2021
कार्रवाई 110
संख्या 4246
वर्ष 2021
कार्रवाई 151
संख्या 14473
वर्ष 2022
कार्रवाई 151
संख्या 8166
वर्ष 2023
कार्रवाई 151
संख्या 5108
वर्ष 2021
कार्रवाई 107/16
संख्या 19395
वर्ष 2022
कार्रवाई 107/16
संख्या 22325
वर्ष 2023
कार्रवाई 107/16
संख्या 13495
वर्ष 2021
कार्रवाई एनएसए
संख्या 116
वर्ष 2022
कार्रवाई एनएसए
संख्या 89
वर्ष 2021
कार्रवाई एनएसए
संख्या 23
29 प्रतिशत अपराध बढ़े, ड्रग पैडलर ने भी रेल मार्ग चुना
शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) में पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष 29 प्रतिशत अपराधों की बढ़ोतरी हुई है। अफसरों का दावा है कि पुलिस ने शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की है। 48 प्रतिशत प्रकरणों में बरामदगी भी हुई है। चिंता की बात ड्रग पैडलर्स की सक्रियता है। जीआरपी ने 12 महीनों में छह प्रकरणों में पांच पैडलर्स को पकड़ा है।
एसपी (जीआरपी) निवेदिता गुप्ता के मुताबिक लूट के 18 प्रकरणों में से 10 में गिरफ्तारी कर ली गई। इस साल पतारसी का 58 प्रतिशत रहा है। चोरी के 1763 प्रकरण पंजीबद्ध हुए है। उसमें से 592 प्रकरणों का राजफाश हुआ और चार करोड़ 59 लाख 13800 रुपये में से 45 प्रतिशत की बरामदगी रही।
एसपी के मुताबिक अपहरण के 11 बच्चों को दस्तायाब किया। उसमें दो प्रदेश से बाहर और नौ प्रदेश के ही थे। जीआरपी पुलिस ने 15 हजार से ज्यादा अकेली महिला यात्रियों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा एवं शासन की हेल्पलाइन की जानकारी दी। 27 हजार से ज्यादा रेल यात्रियों ने जीआरपी हेल्प एप अपलोड किया। पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त के छह प्रकरण दर्ज किए और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 98 किलो 300 डोडाचूरा जब्त किया है।
