
- थानावार गठित यह उड़नदस्ते अपने क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्यवाही करेंगे।
- राज्य शासन के निर्देश के बाद जिले में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
- धर्मस्थलों से समझाइश के बाद लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं।
- थानावार गठित यह उड़नदस्ते अपने क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्यवाही करेंगे।
इंदौर। राज्य शासन के निर्देश के बाद जिले में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। धर्मस्थलों से समझाइश के बाद लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं। इस मुहिम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिले में 45 उड़नदस्ते गठित किए गए हैं। थानावार गठित यह उड़नदस्ते अपने क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्यवाही करेंगे। सपना लोवंशी को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को जिले में गठित उड़नदस्तों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर इलैया राजा टी अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। इसमें धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तार यंत्रों के अनियंत्रित एवं नियम विरुद्ध उपयोग को प्रतिबंधित करने के संबंध में जारी नियम निर्देशों और आदेशों की जानाकारी दी गई।
कार्रवाई में एकरूपता रखने के निर्देश
कलेक्टर डा. इलैयाराजा टी ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए विधि के अनुसार कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई एकरूपता से हो। उन्होंने कहा कि सभी संबंधितों को समझाइश दी जाये कि वे नियम के अनुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करें। कानून, नियम और निर्देशों की अवेहलना नहीं करें।
उक्त उड़नदस्तें द्वारा जांच के निर्देश प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर अधिकतम तीन दिवस के अंदर समुचित जांच प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने-अपने अनुविभाग अंतर्गत आने वाले थानों के सक्षम प्राधिकारी होंगे।

