
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। यहां पर भाजपा आलाकमान ने पूरी तरह से नेतृत्व परिवर्तन करते हुए घर-भर के बर्तन बदल दिए। भाजपा में चल रही बदलाव की इस बयार से पार्टी के कई नए और बरसों से पद की चाह रख रहे कार्यकर्ताओं में उम्मीद की किरण जागी है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने पदभार संभालते ही निगम-मंडलों में नियुक्ति की शुरुआत भी कर दी है। नई सरकार के गठन के साथ ही यह सिलसिला तेज होगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनों को एडजस्ट करने के लिए कई सारे आयोग गठित कर दिए थे। भाजपा अभी जिस तरह से जातिगत समीकरण साध रही है, उससे पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि बदलाव की इस बयार में उनका भी नंबर किसी निगम-मंडल या आयोग में लग सकता है।
