मन में कुछ करने का जज्बा हो तो हर सपना पूरा हो सकता है। मेहनत हमेशा रंग लाती है।नगर में ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाली एक महिला की कहानी है यह..? कभी मंडी में चाय बेचकर तो कभी फुटपाथ पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करती आ रही है और आज शहर में ई रिक्शा चलाकर स्कूल से बच्चों को छोड़ना ले जाना और इसी के साथ स्टेशन से बस स्टैंड से सवारी लाकर अपने गंतव्य तक छोड़ना यह रोजमर्रा का काम है और मेहनत कर ईमानदारी से अपने परिवार का भरण पोषण करके एक मिसाल बन चुकी है शहर के अंदर..? टाइम न्यूज़ से चर्चा करते हुए किरण पाल ने बताया कि उन्हें शासन की किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
