
हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले प्रदेश के अधिकांश पूर्व मंत्रियों और विधायकों की बोलती मतदाताओं ने इस बार बंद कर दी है। भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के जितने भी नेता प्रदेश में बयानबाज माने जाते थे उन्हें इस बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें भोपाल के भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे आलोक शर्मा , मंत्री कमल पटेल प्रदेश के गृहमंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा , पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ,भाजपा की इमरती देवी, ग्वालियर से कांग्रेस के विधायक रहे प्रवीण पाठक एवं मंत्री अरविंद भदौरिया प्रमुख रूप से शामिल हैं ।वर्तमान परिणाम से यह जाहिर होता है कि आम जनता बड़ बोले नेताओं को पसंद नहीं करती है।
