
नेता पुत्र-भाइयों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाना छोड़कर अब केस से कैसे निकालें, इसका तोड़ ढूंढने लगे। चुनावी दौर में हुए झगड़े पुलिस अफसरों की मुसीबत बन गए हैं। कुछ प्रकरण न बंद हो सकते हैं, न उनमें गिरफ्तारी हो सकती है। जोन-4 के रावजी बाजार, जूनी इंदौर और भंवरकुआं थाना में कांग्रेस-भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे पर केस दर्ज करवाए थे। जूनी इंदौर में विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य और भंवरकुआं में विधायक मधु वर्मा के भाई बलराम वर्मा को गंभीर धाराओं में मुलजिम बना दिया। अफसरों ने तीनों प्रकरणों में टीम बनाई और कहा कि विवाद के फोटो, वीडियो और साक्षियों के कथन एकत्र कर गिरफ्तारी के साक्ष्य जुटा लें। सोचा था कि सरकार बदली तो गिरफ्तार कर लेंगे। किंतु रविवार को आए परिणामों से दांव उलटा पड़ गया। गिरफ्तारी और चालान की तैयारी कर रहे अफसरों ने जांच से हाथ खींच लिए। नेता पुत्र-भाइयों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाना छोड़कर अब केस से कैसे निकालें, इसका तोड़ ढूंढने लगे।
