
विधानसभा क्षेत्र महू से पूर्व विधायक दरबार ने कांग्रेस की सदस्यता से दिया इस्तीफा।विधानसभा क्षेत्र देपालपुर से जबरेश्वर सेना के राजेंद्र चौधरी निर्दलीय लड़ रहे चुनाव।
महू में रामकिशोर शुक्ला को टिकट दिए जाने से नाराज चल रहे थे कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार।
देपालपुर से जबरेश्वर सेना के राजेंद्र चौधरी ने भाजपा से मांगा था टिकट, इसके लिए कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था।
इंदौर क्षेत्र-3 से भाजपा के अखिलेश शाह ने पार्टी से मांगा था टिकट। उनके मानने से गोलू शुक्ला की राह हुई आसान।
इंदौर। विधानसभा चुनाव में नाम वापसी की प्रक्रिया गुरुवार को पूरी हो गई। चुनाव मैदान में निर्दलीय उतरने वाले प्रत्याशियों के नामांकन वापस नहीं लेने से इंदौर जिले की दो विधानसभा सीटों महू और देपालपुर पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन गए हैं। महू से कांग्रेस के पूर्व विधायक अंत सिंह दरबार और देपालपुर से राजेंद्र चौधरी ने नामांकन वापस नहीं लिया। सबसे रोचक चुनाव महू में हो गए हैं।वहीं, विधानसभा क्षेत्र इंदाैर तीन में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने वाले भाजपा के अखिलेश शाह ने नामांकन वापस ले लिया।
इंदौर जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दो दिन में जिले में 11 नामांकन वापस लिए गए। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक निर्दलीय नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशियों को मनाने के प्रयास होते रहे। विधानसभा क्षेत्र तीन से ही भाजपा के बागी अखिलेश शाह मान गए और उन्होंने समय खत्म होने के पहले कलेक्टर कार्यालय जाकर नामांकन फार्म वापस ले लिया। इससे भाजपा प्रत्याशी गोलू शुक्ला की राह कुछ आसान हुई है। यहां से कांग्रेस ने पिंटू जोशी को टिकट दिया है।
दरबार निर्दलीय लड़कर बिगाड़ेंगे कांग्रेस का खेल
विधानसभा क्षेत्र महू से कांग्रेस की राह मुश्किल हो चुकी है। यहां से पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे। महू में अब कांग्रेस से रामकिशोर शुक्ला और भाजपा से उषा ठाकुर और निर्दलीय के रूप में अंतरसिंह दरबार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दरबार महू से कांग्रेस के रामकिशोर शुक्ला को टिकट देने के कारण नाराज थे।
देपालपुर में भाजपा की बढ़ेगी मुश्किल
विधानसभा क्षेत्र देपालपुर से कांग्रेस ने विशाल पटेल और भाजपा ने मनोज पटेल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा से ही टिकट मांग रहे जबरेश्वर सेना के राजेंद्र चौधरी ने निर्दलीय नामांकन जमा कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया दिया। टिकट के लिए चौधरी के समर्थकों ने भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया था। अब निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने से भाजपा प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन उन्होंने नामांकन वापस नहीं लेते हुए चुनाव प्रचार जारी रखा।
जिले की सात सीटों पर सीधा मुकाबला
इंदौर जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। जिले की सात विधानसभा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। महू और देपालपुर में ही त्रिकोणीय मुकाबला है। आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टियों के प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में है, परंतु मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है।

