
- 44 वर्षीय एचआइवी पीड़ित के साथ हड्डी रोग विभाग के जूनियर डा. आकाश कौशल ने हाथ मरोड़ते हुए थप्पड़ जड़े थे।
- मामले में जांच के लिए डीन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट सौंपना थी।
- लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।
- यह पहली बार नहीं है जब रिपोर्ट सौंपने में देरी हो रही है।
मध्यभारत के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल में शनिवार को एचआइवी पीड़ित के साथ मारपीट डाक्टर ने मारपीट की थी। मामले में जांच के लिए डीन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट सौंपना थी। लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब रिपोर्ट सौंपने में देरी हो रही है। अस्पताल में जब भी डाक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगते हैं, हमेशा इसी प्रकार रिपोर्ट में देरी करते हैं और अंत में जांच के बाद कभी किसी डाक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
बता दें कि 44 वर्षीय एचआइवी पीड़ित के साथ हड्डी रोग विभाग के जूनियर डा. आकाश कौशल ने हाथ मरोड़ते हुए थप्पड़ जड़े थे। दरअसल मरीज सड़क हादसे के कारण घायल हो गया था, जिसे उज्जैन से एमवाय अस्पताल में रैफर किया गया था। लेकिन डा. ने यह आरोप लगाते हुए मरीज के साथ मारपीट की कि मरीज और स्वजन द्वारा एचआइवी वाली बात नहीं बताई थी। जबकि स्वजन ने डा. को पहले ही फाइल दे दी थी।
मामले में संभागायुक्त के निर्देश पर डा. को निलंबित कर दिया था। उसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच कमेटी में अस्थिरोग विभागाध्यक्ष डा. आनंद अजमेरा को अध्यक्ष और सर्जरी विभाग के डा. अंकित चुरमा और मेडिसिन विभाग के डा. अमन यादव को सदस्य बनाया गया है।
डा. अजमेरा का कहना है कि अभी जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन इसके कई लोगों के बयान लेने हैं, इसलिए अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाए है। हम जल्द ही रिपोर्ट डीन को सौंप देंगे।

