इंदौर शहर की एक और सहकारी सांख संस्था ने अपने सदस्यों को करोड़ों रुपए का चूना लगा दिया है। संस्था का नाम है देवीदयाल बाजपेई सहकारी सांख संस्था जो अनुदेशक नगर हीरानगर थाना क्षेत्र में है। इस संस्था में लगभग 2000 सदस्यों के 5 करोड रूपये हजम कर संस्था के कर्ताधर्ता फरार हो गए है।
दरअसल दरअसल पिछले 6 महीना से संस्था के चक्कर काट रहे हैं एक पीड़ित ने हीरानगर थाना क्षेत्र में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस नें बताया की शिकायतकर्ता 50 वर्षीय शंकर पिता रमेश मालवीय निवासी फिरोज गांधी नगर है। फरियादी नें संस्था में एक बचत खाता खुलवाया था। साल भर मे बुजुर्ग ने इस बचत खाते में अपनी मेहनत की कमाई से जोड़-जोड़ कर लगभग 1 लाख 24 हजार 800 रूपए जमा किये थे। फरियादी ने बताया कि उसके खाते की मियाद समाप्त हो रही थी उसी के चलते उसने एक दिन पूर्व जाकर संस्था की अभिकर्ता रेखा तवर को अपनी संपूर्ण जमा राशि निकालने के लिए आवेदन दिया था।
अभिकर्ता रेखा तवर नें बुजुर्ग को कहा की अगले दिन आकर वाह अपनी संपूर्ण राशि निकाल कर ले जा सकते हैं। लेकिन जब आवेदक अपनी राशि लेने के लिए संस्था पहुंचा तो संस्था कर्यालय पर ताला लगा हुआ मिला। आवेदके नें कई दिनों तक चक्कर लगाए लेकिन संस्था कार्यालय कभी खुला ही नहीं। आखिर मे बुजुर्ग ने हीरानगर थाने मे शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत और विवेचना के आधार पर संस्था के कर्ताधर्ता हरीश गौतम, जयकुमार गौतम और भारती साहू के खिलाफ धारा 406 एवं 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
हीरा नगर थाने परिसर में मौजूद पीड़ितों ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की घटना को बताते हुए कहा कि संस्था में लगभग 2000 सदस्य के करीब है। और करीबन 500 लोगों के बचत खाते होंगे जिसमें कम से कम ₹100000 उससे ज्यादा जमा होंगे। इस तरह से देखा जाए तो संस्था के कर्ताधर्ता लगभग 5 करोड़ रूपये का चूना लगाकर फरार हुए हैं

