
✓आरोपीयो के द्वारा महिला फरियादी से ऑनलाइन मित्रता करके ,जहाज विशाखापटनम पोर्ट पर कस्टम में फसा हुआ है जैसे झूठ बोलते हुए लिए थे 1,27,998/–रू।
✓महिला फरियादी से MP–online कियोस्क सेंटर के माध्यम से प्राप्त किए थे आरोपियों ने पैसे।
✓आरोपी गैंग के द्वारा पूछताछ में कई लोगो के साथ अलग–अलग तरह से ऑनलाइन ठगी की वारदात करना कबूला ।
इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड एवं सोशल मीडिया संबंधित अपराधों में आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी अनुक्रम में कार्यालय अपराध शाखा इंदौर में फरियादी (1). यामिनी निवासी इंदौर के द्वारा शिकायत की गई थी की सोशल मीडिया के माध्यम से मोहित नाम के व्यक्ति से मित्रता हुई थी जिसने वाट्सअप कॉल पर झूठ बोलकर की मेरा जहाज विशाखापटनम पोर्ट पर कस्टम अधिकारियों के द्वारा रोक लिया है और मुझे पैसे की जरूरत है बोलकर अलग–अलग बैंक खातों में कुल 1,27,998/– रू प्राप्त कर धखाधड़ी की गई है, जिसपर थाना अपराध शाखा इंदौर अपराध धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया था ।
उक्त प्रकरण में आरोपियों की तकनीकी जानकारी निकालते आरोपी (1).मोहित उर्फ अमन रघुवंशी पिता सुरेंद्र निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी गुना(म.प्र) को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में अपने साथी आरोपी (2).दिव्यांश चौरसिया पिता मनोज निवासी पुरानी शिवपुरी (म.प्र) एवं (3).अचल उर्फ रौनक जैन पिता सुशील निवासी साई गंगोत्री विहार इंदौर के साथ मिलकर योजना बनाकर महिला फरियादी के साथ ठगी करना स्वीकार।
आरोपियों ने पूछताछ एवं तकनीकी जानकारी में ज्ञात हुआ कि महिला फरियादी का अचल जैन पहले से मित्र था, जिसने ठगी करने के इरादे से फरियादी का व्हाटसप कॉन्टेक्ट नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट्स एवं अन्य निजी जानकारी अपने मित्र मोहित रघुवंशी को दी थी, मोहित के द्वारा महिला फरियादी से सोशल मीडिया व्हाट्सएप पर मित्रता कर झूठे भरोसे में लेकर कहा कि मेरा जहाज विशाखापटनम पोर्ट पर कस्टम अधिकारियों के द्वारा रोक लिया है और मुझे पैसे की जरूरत है बोलकर महिला फरियादी से अन्नपूर्णा क्षेत्र स्थित एम.पी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर के माध्यम से अलग–अलग बैंक खातों में 1,27,998/– रू डलवाए उसके बाद आरोपी मोहित के द्वारा भवरकुआ क्षेत्र स्थित एम.पी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर के माध्यम से पैसे कैश प्राप्त करते तीनों आरोपियों के द्वारा अपने काम के परसेंट के आधार पर पैसों को आपस में बाट लिया।
आरोपियों के द्वारा पूछताछ में बताया की उनकी गैंग लोगो से सोशल मीडिया पर परिचित बनकर पैसे डलवाते हुए ठगी करना, एवं फर्जी इन्वेस्टमेंट पेज बनाकर लोगो से इन्वेस्टमेंट के नाम से पैसे प्राप्त कर कई लोगो के साथ ठगी करना कबूला है जिसकी जांच एवं प्रकरण में विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अपराध शाखा इंदौर के द्वारा की जा रही है।

