
मेडिकल बिल पास करवाने के नाम पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले शासकीय सेवक को विशेष न्यायालय ने चार वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपित ने फरियादी से 43471 रुपये का मेडिकल बिल पास करवाने के लिए रिश्वत ली थी।
मेडिकल बिल पास करवाने के नाम पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले शासकीय सेवक को विशेष न्यायालय ने चार वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपित ने फरियादी से 43471 रुपये का मेडिकल बिल पास करवाने के लिए रिश्वत ली थी। कोर्ट ने आरोपित पर चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
शिकायतकर्ता सतीश शर्मा ने 6 जनवरी 2014 को लोकायुक्त शिकायत की थी। इसमें कहा था कि आवेदक ने पत्नी का इलाज इंडियन रेडक्रास सोसाइटी महू में कराया था। इसका 43471 रुपये का मेडिकल बिल भरकर उसने प्रथम वाहिनी के सेनानी कार्यालय में अक्टूबर 2013 में जमा कर दिया था।
चार हजार रुपये किये थे जब्त
2 जनवरी 2014 को कार्यालय में पदस्थ आरोपित ब्रजेन्द्र गुप्ता उससे मिला। उसने कहा कि मेडिकल बिल की राशि में से जितनी राशि मंजूर होगी, उसका दस प्रतिशत रिश्वत के रूप में लगेगा। फरियादी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने ब्रजेन्द्र शरण गुप्ता की टेबल से चार हजार रुपये जब्त किए।
आरोपी को मिली सजा
जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश राकेश गोयल ने आरोपित ब्रजेन्द्र को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 13(1) व सहपठित धारा 13(2) के तहत चार वर्ष कठोर कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति गुप्ता ने पैरवी की।
