-शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध संस्थान श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने एमबीए और एमसीए छात्रों के लिए पोस्ट ग्रेजुएट सात दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत हुई । जिसका उद्देश्य संस्थान में आने वाले स्नातकोत्तर छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। इस दौरान मौजूद छात्र छात्राओं को नशे से दूर रहना का संकल्प भी दिलाया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कार्णिक ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिकता ही समस्या है, अपनी मानसिकता पर काम करें। ज्ञान डराने वाली चीज नहीं है। अनुभव और ज्ञान का संयोजन ही ज्ञान है। यह पीढ़ी बहुत अधीर है, पर सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता । उन्होंने खरगोश और कछुए की कहानी का उदाहरण देकर छात्रों को समझाया ओर शॉर्टकट के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी।
डॉ. गुरमीत सिंह नारंग ने कहा समझें कि जीवन क्या है, मन क्या है। यदि आपका मन स्थिर है तभी आप अपना जीवन और अधिक सुंदर ढंग से जी सकते हैं। विकास और सफलता के बीच अंतर है। जीवन में संतुलन, अनुशासन की आवश्यकता होती है। मन को भी आहार की आवश्यकता होती है जो ज्ञान है।कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान के मूल मूल्यों, शैक्षणिक संस्कृति और उनके लिए उपलब्ध विविध अवसरों से अवगत कराया गया।
