
इंदौर। इंदौर सहित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में 1 अप्रैल से शराब दुकान के अहातों को बंद कर दिया गया है। इसके बाद शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थित ढाबे शराबियों के अड्डे बन गए। इस पर आबकारी विभाग व पुलीस विभाग द्वारा पूर्व में रात को विशेष जांच अभियान चलाते हुए कई ढाबों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी । इस पर ढाबों पर शराबखोरी पर रोक लग गई थी, लेकिन आबकारी विभाग व पुलीस विभाग द्वारा कार्रवाई बंद किए जाने के बाद एक बार फिर शहर के ढाबे खुलेआम अवैध रूप से शराब परोस रहे हैं।

भंवरकुआं थाना क्षेत्र के रिंग रोड पर लगभग 5 से अधिक ढाबे ऐसे है जो अहाते की तर्ज पर खुले आम शराब खोरी करवा रहे हैं सूत्रों के अनुसार ढाबों पर अवैध शराब खोरी की जानकारी भवरकुआं के थाना प्रभारी सहित पूरे स्टाफ को है परंतु शुभ लाभ के चक्कर में इन अवैध अहाता चलाने वाले ढाबों पर पुलीस कोई कार्रवाई नहीं करती सूत्रों के अनुसार भंवरकुवा थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी 20,000 रु प्रतिमाह की रिश्वत हर ढाबे से लेकर अवैध आहते – ढाबों को शराब खोरी करवाने के लिए संरक्षण प्रदान करवाता है
आबकारी विभाग (excise department) के मुताबिक कोई भी ढाबा या होटल तब तक अपने यहां किसी व्यक्ति को शराब परोस नहीं सकती है या बाहर से लाकर पीने के लिए अनुमति नहीं दे सकती है, जब तक कि उसके पास लाइसेंस न हो। लेकिन कमाई के चक्कर में शहर के ज्यादातर ढाबों पर एक बार फिर शराबियों की महफिल जमने लगी है। इनमें बायपास और रिंग रोड के ढाबे प्रमुख हैं, जहां पर आसानी से शराबी अपने साथ शराब लेकर जा सकते हैं और पी सकते हैं। ढाबा संचालक इसके लिए शराबियों से प्रति बॉटल 200 से 500 रुपए तक का अतिरिक्त शुल्क भी वसूलते हैं। वहीं कई ढाबों पर संचालक ही अवैध रूप से ऊंचे दामों पर रात 11:30 के बाद शराब भी उपलब्ध करवाते हैं।
