साइबर क्राइम के तहत किसी भी माध्यम से फरियादी के रुपए निकाल लेने और शिकायत के बाद अकाउंट को सीज करके फरियादी के रुपए वापस दिलाने का सिलसिला इंदौर क्राइम ब्रांच करती आ रही है लेकिन किन्हीं मामलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान में आ रही दिक्कतों को लेकर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी मौजूदगी में इंदौर के पुलिस कंट्रोल रूम में एक बैठक शहर के लगभग सभी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की गई बैठक की ओर आ रही छोटी मोटी दिक्कतों को बैठक के दौरान सामने रखते हुए उनका भी निदान समय रहते हैं कैसे त्वरित किया जाए इस पर गहन चिंतन किया गया…
पुलिस कंट्रोल रूम रीगल तिराहे पर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया की मौजूदगी में शहर इंदौर के बैंक के नोडल अधिकारी मर्चेंट के नोडल अधिकारी बैठक में शामिल हुए थे बैठक का मकसद बताते हुए एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने साइबर क्राइम के तहत होने वाले फ्रॉड और फरियादी के रुपए सोशल मीडिया के अलग-अलग अकाउंट में चले जाना और उन्हें शिकायत मिलने पर संबंधित बैंक का अकाउंट फीस करना और विक्टिम के रुपए वापस दिलाना पहली प्राथमिकता होती है… कभी-कभी सूचनाओं के आदान-प्रदान में देरी के चलते किन्हीं मामलों में हो रही देरी आगे ना हो और विक्टिम परेशान ना हो उद्देश्य बैठक का यही था जिसमें आए हुए नोडल अधिकारियों ने एडिशनल डीसीपी को सुनने के बाद अपने सुझाव भी बैठक में रखें…
