
इंदौर। टीचर्स डे के दिन शिक्षकों के सम्मान में कई कार्यक्रम होते हैं लेकिन इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने अनूठा ‘हेल्दी टीचर, हेल्दी फ्यूचर’ कार्यक्रम शुरू किया है। सांसद लालवानी ने शिक्षकों को लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियों से बचाने के लिए 4 हजार से ज्यादा टीचर्स के प्रीवेंटिव हेल्थकेयर टेस्ट करवाए हैं। सम्भवतः शिक्षकों के स्वास्थ्य से सम्बंधित अपनी तरह की देश में पहली स्टडी है।
साथ ही, शिक्षक दिवस पर 10 अस्पतालों के डॉक्टर उन्हें मुफ्त कंसल्टेशन भी देंगे।
‘हेल्थ ऑफ इंदौर अभियान के तहत शिक्षकों के ब्लड टेस्ट किए गए हैं जिसमें 12 से ज्यादा पैमानों पर उनकी सेहत जांची गई है। सांसद शंकर लालवानी की पहल पर सांसद सेवा संकल्प के अंतर्गत सेंट्रल लैब, आईएमए और जिला रेड क्रॉस सोसाइटी ने मिलकर कुल 1.50 लाख से ज्यादा टेस्ट किए हैं।
सांसद लालवानी ने बताया कि शिक्षक देश का भविष्य गढ़ते हैं लेकिन वे स्वास्थ्य के प्रति सचेत नहीं रह पाते इसलिए ‘हेल्थ ऑफ इंदौर’ अभियान के अंतर्गत शिक्षकों के लिए ‘हेल्दी टीचर, हेल्दी फ्यूचर’ कार्यक्रम चलाया गया और 4,000 से ज़्यादा सरकारी एवं निजी स्कूलों के टीचर्स के टेस्ट किए गए है।
सेंट्रल लैब की फाउंडर डॉ विनीता कोठारी ने बताया कि हेल्थ ऑफ इंदौर अभियान के अंतर्गत शिक्षकों को लाइफस्टाइल बीमारियों से बचाने के लिए ये विशेष प्रोग्राम चला रहे है। इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। टीचर्स की सेहत के बारे में अपनी तरह की देश कि यह पहली स्टडी है और इसमें से ज्यादातर शिक्षक संभावित बीमारियों के खतरे से अनजान पाए गए और यह बेहद चिंता की बात है।
11.18% प्री डायबिटिक या डायबिटिक स्टेज पर है और इसमें से करीब 9.43% शिक्षकों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि शिक्षक आने वाले कल का निर्माण करते हैं और वह अगर स्वस्थ नहीं रहेंगे, सेहत के प्रति जागरूक नहीं रहेंगे तो बच्चों में भी अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता नहीं आएगी। इसलिए टीचर्स का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है और ‘हेल्दी टीचर, हेल्दी फ्यूचर’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यही है।
