नगर में नदी नालों पर पक्के भवन निर्माण के कार्य जोरों पर चल रहे हैं…आखिर नदी नालों की सीमा में भवन निर्माण की अनुमति कैसे मिल जाती है…यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है….? बरेठ रोड पर नगर के जाने-माने व्यापारी मीनू वाला द्वारा नाले पर भवन निर्माण किया जा रहा है।उसका कहना है उसे नगर पालिका ने अनुमति दी है!वहीं नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ का कहना है कि नियम अनुसार अनुमति दी गई थी।लेकिन निर्माण अनुमति से हटकर किया जा रहा था जिस पर रोक लगा दी गई है…वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर ने भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाए..उनका कहना था कि जिन लोगों ने इस भवन निर्माण अनुमति में पैसे खाए हैं वह लोग मीडिया के सामने ना आए…? कुल मिलाकर नगर के नदी नालों पर अतिक्रमण हो रहा है और नगर पालिका से उनके सीमा क्षेत्र में निर्माण की अनुमति भी मिल जाती है यह अपने आप में बड़ा सवाल है? जबकि शासन का नियम है नदी नालों के 100 मीटर के आसपास कोई निर्माण नहीं हो सकता…?
