देशभर में किसी भी अप्रिय स्थिति में जब पुलिस हाथ टेक देती है तो सेना को भेजा जाता है,, ज्यादातर मामलों में सेना किसी भी आपात स्थित को नियंत्रित कर लेती है,,, बावजूद इसके प्रदेश सरकारों द्वारा सेना के अधिकारियों या जवानों पर प्रकरण दर्ज करवाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है,, शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने इस मामले सरकार को आड़े हाथों लिया है,,
कुछ वर्ष पूर्व इंदौर के विजयनगर थाने में पुलिस और सेना के अफसरों का विवाद हुआ था ,,इस मामले में पुलिस द्वारा सेना के कुछ अधिकारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था,, द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच और फ़िर माननीय उच्चतम न्यायालय ने सीआईडी जांच कराए जाने के आदेश दिए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नज़र नहीं आ रहा है,, वही मिजोरम के मामले में भी सेना के जवानों पर प्रकरण दर्ज किया गया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है,, भाजपा शासित प्रदेशों में दर्ज़ हो रहें इन मामलों को लेकर द्विवेदी ने आपत्ति जताई है,,
