
राजवाड़ा क्षेत्र के रेडीमेड कारोबारियों ने एक बजे तक बंद रखी दुकानें, रविवार को क्षेत्र के व्यापारियों को तीन लोगों ने धमकाया था, पुलिस ने तीनों आरोपितों पर दर्ज किया केस।
गुंडागर्दी से पीड़ित राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारी सोमवार को दुकानें बंद रख पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर से मिले और उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई।
गुंडागर्दी के विरोध में राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों ने दोपहर एक बजे तक बंद रखी दुकानें।क्षेत्र में फुटपाथ के बदले हफ्ता वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।व्यापारियों ने पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर से मुलाकात कर बताई अपनी पीड़ा।
सड़क-फुटपाथ पर कब्जा और गुंडागर्दी के विरोध में सोमवार दोपहर एक बजे तक इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र की दुकानें बंद रखी गई। रविवार को क्षेत्र के व्यापारियों को तीन लोगों ने बाजार में ही धमकाया था। घटना के खिलाफ इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन और गोपाल मंदिर हेरीटेज काम्प्लेक्स के साथ आसपास की करीब 600 दुकानें दोपहर तक बंद रही। धमकाने वालों पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। इसी बीच पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर से मिलने पहुंचे व्यापारियों ने आरोपितों और क्षेत्र में फुटपाथ के बदले हफ्ता वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राजवाड़ा क्षेत्र में करीब पांच वर्ष पहले दशकों से कारोबार कर रहे व्यापारियों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के विकास के चलते हटा दिया गया था। उन्हें गोपाल मंदिर में नई दुकानें देकर विस्थापित किया गया। इस बीच राजवाड़ा के पीछे और गोपाल मंदिर के पास फुटपाथ पर दुकान लगवाने वाले गैंग सक्रिय हो गए। क्षेत्र के व्यापारी इसके खिलाफ लगातार इंदौर नगर निगम को शिकायत कर रहे हैं।
शिकायत करने पर व्यापारी को दी धमकी
रविवार को क्षेत्र के एक व्यापारी पवन पंवार को नगर निगम में शिकायत करने की बात पर तीन लोगों शानू, अशोक व एक अन्य ने बाजार में ही धमकी दी। इसके खिलाफ व्यापारी लामबंद हो गए। सोमवार को पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि गुंडे हथियार के साथ थे। पुलिस ने कमजोर धाराएं लगाई हैं। कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।
टैक्स देना बंद कर देंगे
इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन और सचिव महेश गौर ने आरोप लगाया कि फुटपाथ पर दुकान लगवाने वाले इसके बदले प्रति टेबल 700 से 1000 रुपये तक वसूलते हैं। इसका एक हिस्सा निगम की रिमूवल गैंग को भी जाता है। व्यापारी शिकायत करते हैं तो उनके नाम निगम की गैंग वाले इन्हें बता देते हैं। बाद में वसूलीबाज व्यापारियों को धमकाते हैं। व्यापारी टैक्स दे रहा है, शासन का खजाना भर रहा है। इसके बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही। यदि ऐसा ही रहा तो व्यापारी शासन को टैक्स देना बंद कर देंगे। विरोध में हमें लंबी अवधि के लिए व्यापार भी बंद रखना पड़ा तो करेंगे।
धमकी देने वालों पर एफआइआर दर्ज
व्यापारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों शानू, अशोक व एक अन्य के खिलाफ धारा 294, 506, 34 में प्रकरण दर्ज कर लिया। व्यापारियों ने मांग की कि वे हथियार लेकर पहुंचे थे, ऐसे में उन पर अन्य धाराएं भी लगना चाहिए। पुलिस कमिश्नर ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। शासन की अन्य एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा।
