
बजरंग दल पदाधिकारियों पर हुआ लाठीचार्ज जोन-3 के लिए मुसीबत बन गया। लट्ठ चलाने वाले अफसरों ने सोचा भी नहीं था कि उनके मददगार नेता यूटर्न लेकर बजरंगियों के साथ खड़े हो जाएंगे। लट्ठबाजी के दूसरे दिन भी अफसरों को विश्वास था कि संगठन की मदद से समीकरण अपने पक्ष में कर लेंगे लेकिन उस वक्त झटका लगा जब गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने स्पेशल टास्क फोर्स के एडीजी विपिन माहेश्वरी को जांच सौंप दी। माहेश्वरी इंदौर में एसएसपी और आइजी रह चुके हैं। उनकी गिनती सख्त अफसरों में होती है। सब जानते हैं माहेश्वरी की नजर से बहुत कम बच पाते हैं। संपर्कों के जरिए हिंदू संगठन को साधने वाले अफसर अब माहेश्वरी का तोड़ ढूंढने में जुट गए हैं। पहले चरण में माहेश्वरी डीसीपी धर्मेंद्रसिंह भदौरिया और एडिशनल डीसीपी राजेश रघुवंशी से घटनाक्रम की जानकारी ले चुके हैं।
