
डर है कि अंशुल क्राइम ब्रांच के हत्थे न चढ़ जाए। वरना बनी बनाई साख पर बट्टा लग जाएगा।
जोन-2 के बड़े अफसर क्राइम ब्रांच में फंसते-फंसते बच गए। क्राइम ब्रांच की दबिश के पहले बंदी लेने वाले पुलिसकर्मी ड्रग पैडलर की डायरी लेकर रफूचक्कर हो गए। स्कीम-140 में ड्रग सप्लाई करने वाला अंशुल बड़े अफसरों के संपर्क में था। क्राइम ब्रांच इसके तस्कर को ढूंढ रही थी लेकिन दबिश के पहले खबर लीक हो गई और जोन-2 के अफसरों ने छापा मारकर अंशुल के साथी फैजान, कुणाल और शुभम को पकड़ लिया। अंशुल के घर छापा मारा तो एक डायरी हाथ लगी जिसमें शुभ-लाभ करने वाले छोटे-बड़े सभी अफसरों के नाम लिखे थे। उस वक्त तो मामला दब गया लेकिन मुखबिर पर प्राणघातक हमला होने के बाद खबर पूरे महकमे में फैल गई। अफसरों की मुसीबत अभी कम नहीं हुई है। डर है कि अंशुल क्राइम ब्रांच के हत्थे न चढ़ जाए। वरना बनी बनाई साख पर बट्टा लग जाएगा।
