
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का इंदौर प्रवास शहर की अंदरूनी भाजपाई राजनीति के लिए अलग संदेश दे गया। उन्होंने भाजपा की अयोध्या यानी विधानसभा-चार में विधायक मालिनी गौड़ के निवास पर रात्रि भोज किया। भोज में आइडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागीय प्रभारी राघवेंद्र गौतम, नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे तो थे ही, पहली बार विधायक रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय भी इस भोज में शामिल हुए। यह दृश्य दो और चार नंबर विधानसभा के बीच जमी रिश्तों की बर्फ के पिघलने का आभास करा रहा था। साथ ही आमरस और रसगुल्ले के स्वाद ने माहौल में मिठास घोलने का काम किया। शिवप्रकाश ने उत्सुकतावश विधायक गौड़ के पति और पूर्व मंत्री स्व. लक्ष्मणसिंह गौड़ के बारे में भी पूछ ही लिया कि उन्हें दादा क्यों कहते थे? तब जवाब मिला कि मराठी में बड़े भाई को दादा कहते हैं।
विधायक, विकास और वोटों की फसल
इस वर्ष विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा हो या कांग्रेस दोनों दलों के विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के लिए अधिक फिक्रमंद नजर आ रहे हैं। विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन, शिलान्यास के कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं। विधायक निधि का हिसाब-किताब देखा जा रहा है कि चुनावी साल में इस निधि को कहां और कैसे विकास पर खर्च करें ताकि वोटों की फसल अच्छी आए। हालांकि यह बात वे भी जान रहे हैं कि चुनाव में केवल विकास कार्यों के खाद-पानी से काम नहीं चलने वाला, कुछ और भी प्रबंधन करना पड़ता है। सबसे बड़ी बात तो यह कि पार्टी टिकट देगी या नहीं? जो विधायक आश्वस्त हैं कि टिकट उन्हें ही मिलेगा, वे तो चुनावी प्रबंधन में जुट गए हैं, लेकिन जिनको आशंका है, वे टिकट पक्का करने की जुगाड़ में हैं।
