
बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर बावड़ी हादसे को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में सोमवार को सुनवाई होना है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कलेक्टर और निगमायुक्त को नोटिस जारी कर पूछा था कि इतने बड़े हादसे के बावजूद जिम्मेदारों पर कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज क्यों नहीं करवाया गया। सोमवार को निगमायुक्त और कलेक्टर को जवाब देना है। देखना यह है कि इन दोनों की तरफ से कोई जवाब आता है या दोनों जवाब के लिए समय ले लेते हैं।
गौरतलब है कि 30 मार्च 2023 को हुए बेलेश्वर महादेव झुलेलाल मंदिर बावड़ी हादसे में 36 लोगों की मौत हुई थी। रामनवमी के दिन हुए इस हादसे की गूंज पूरे देश में रही थी। हादसे के वक्त भक्त बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में जमा होकर हवन कर रहे थे। जिस जगह हवन कुंड बना हुआ था वहां वर्षों पुरानी बावड़ी थी, वर्षों पहले इसे स्लैब डालकर बंद कर दिया गया था।
हवन कर रहे लोगों को पता ही नहीं था कि जिस जगह वे हवन कर रहे हैं वहां नीचे कोई बावड़ी भी है। हवन के दौरान अचानक बावड़ी की स्लैब टूटी और हवन कर रहे लोग 80 फीट गहरी अंधेरी बावड़ी में गिर गए। बावड़ी में बदबूदार और कीचड़नुमा पानी भरा हुआ था। इसमें गिरे कुछ लोगों को तो बचा लिया गया लेकिन 36 लोगों की मृत्यु हो गई।
हादसे को लेकर अलग-अलग याचिकाएं दायर हुईं। इन्हीं में से एक याचिका पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने वरिष्ठ अधिवक्ता डा. मनोहरलाल दलाल और एडवोकेट लोकेंद्र जोशी के माध्यम से दायर की है। इसी में सोमवार को सुनवाई होना है। याचिका में कहा है कि नगर निगम के अधिकारी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ नोटिस देते रहे। समय रहते कार्रवाई कर दी जाती तो हादसा नहीं होता।
याचिका में कहा है कि जिम्मेदारों ने अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया है। इसलिए निगम के जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए जाएं। याचिका में जांच अधिकारी बदलने की भी मांग की गई है।

