
चरित्र शंका में पत्नी को जलाने वाले पति को इंदौर के सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने हत्यारे पर अर्थदंड भी लगाया है।
जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि हत्यारे पति का नाम अजय पुत्र अर्जुन खरे निवासी बेटमा है। 7 जुलाई 2018 को अजय की पत्नी लता को जली हालत में बेटमा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया था कि वह चूल्हे पर गिर गई है। हालत बिगड़ने पर उसे वहां से इंदौर के एमवाय अस्पताल रैफर कर दिया गया।
पत्नी के बयान पर दर्ज हुआ हत्या का केस
इलाज के दौरान पुलिस ने लता के बयान दर्ज किए। इसमें उसने बताया कि उसका पति अजय उसके चरित्र पर शंका करता है। इसी के चलते उसने उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। पुलिस ने बयान के आधार पर धारा 307 में प्रकरण दर्ज कर लिया। उपचार के दौरान लता की मृत्यु होने पर प्रकरण में हत्या की धारा बढ़ाई गई। शुक्रवार को इंदौर सत्र न्यायालय ने हत्यारे पति अजय को आजीवन कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
