
पुलिस ने ऐसे गिरोह के सदस्यों को पकड़ा है जो ई-सिगरेट की घर-घर डिलीवरी करता था। 16 राज्यों में प्रतिबंधित ई-सिगरेट हाईप्रोफाइल परिवार की युवक-युवतियां और छात्र-छात्राएं खरीदती थी।आरोपित कमिशन लेकर घर और पार्टी के ठिकानों पर ही सप्लाई करने जाते थे। विजय नगर टीआइ रवींद्र गुर्जर के मुताबिक पुलिस ने रविवार को आरोपित सीए छात्र आकाश पुत्र वासुदेव खेमचंदानी निवासी बीके सिंधी कालोनी को गिरफ्तार कर ई-सिगरेट व विभिन्न प्रकार के फ्लेवर जब्त किए थे।आकाश से हुई पूछताछ के आधार पर सोमवार को पुलिस ने एक अन्य आरोपित वतन पुत्र मनोज वर्मा निवासी अन्नपूर्णा को भी गिरफ्तार कर लिया।
टीआइ के मुताबिक आरोपितों ने वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। ग्रुप पर ही ई-सिगरेट और फ्लेवर के फोटो शेयर कर देते थे। ग्रुप पर ही आर्डर लेकर डिलीवरी देने का काम करते थे। आरोपित तय कीमत से 100 व 200 रुपये ज्यादा लेकर डिलीवरी देने जाते थे। आर्डर देने वालों में ज्यादातर भंवरकुआं और विजय नगर के छात्र-छात्राएं है। विभिन्न शहरों से आए छात्र-छात्राएं किराये के मकान लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है।
टीआइ के मुताबिक जब्त सिगरेट स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इसमें निकोटिन को लिक्विड फार्म में क्वाइल में भरा जाता था। आरोपित यह बोलकर सप्लाई करते थे कि इससे नुकसान नहीं होता और पढ़ाई में मन लगता है।एकाग्रता भी बनी रहती है। इसके नुकसान को देखते हुए 16 राज्यों में खरीदी-बिक्री पर रोक लग चुकी है।
एक साल की सजा और एक लाख जुर्माना का प्रावधान
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ई-सिगरेट का उत्पाद और विक्रय करना प्रतिबंधित है। इस मामले में आरोपितों पर एक लाख रुपये का जुर्माना और एक लाख रुपये की सजा का प्रावधान है।

