
एएसपी मनीष खत्री के तबादले के बाद एसटीएफ में किसी की पोस्टिंग नहीं हुई। कंफर्ट जोन में जाने के लिए लालायित कई अफसरों ने जाने का मन बनाया लेकिन एडीजी विपिन माहेश्वरी के कारण किसी की हिम्मत नहीं हुई। स्पेशल टास्क फोर्स के मुखिया माहेश्वरी कागज के मामले में बारीक हैं। खरगोन जाने के पहले खत्री एसपी के रूप में काम कर रहे थे। इसके बाद डीएसपी सोनू कुर्मी ने प्रभार संभाला लेकिन वो भी चले गए। उनके स्थान पर डीएसपी राजेश चौहान आ गए लेकिन एसपी की कुर्सी खाली पड़ी है। इंदौर में लंबा वक्त गुजार चुके एएसपी ने इंदौर जाने की मंशा जताई लेकिन एडीजी के पीछे हट गए। उप पुलिस अधीक्षक से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनने वाले अधिकारी भी एडीजी के कारण लूप लाइन में जाने का मन बना रहे हैं। पहला अवसर है जब किसी वरिष्ठ अफसर की सख्ती से छोटे अफसर पोस्टिंग से दूरी बनाने लगे हैं।
