
इंदौर में दो दिन पहले मैरिज गार्डन संचालक भाइयों पर चार से ज्यादा बदमाशों ने चाकुओं से हमला किया था। इस हमले में एक भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में चार बदमाशों को हिरासत में ले लिया है। जबकि विवाद में शामिल महिला, उसका बेटा और एक साथी फरार हैं। इस मामले में महिला को आरोपी नही बनाया गया है। उक्त महिला सालों से यहां अवैध शराब का कारोबार चला रही है। इसे लेकर पहले भी पार्षद और स्थानीय रहवासी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
द्वारकापुरी पुलिस ने 2 मई की रात उत्कर्ष गार्डन के संचालक गौरव और सौरभ परख्या पर जानलेवा हमला करने के मामले में मानसिंह विश्वकर्मा निवासी प्रजापत नगर, प्रदीप चौहान निवासी श्रद्धा-सबूरी कॉलोनी ,राजकुमार ठाकुर निवासी ऋषि पैलेस और तुषार परमार निवासी आस्था पैलेस कॉलोनी को पकड़ा है। जबकि निलेश चौहान व आरोपी राहुल रावत की तलाश की जा रही है। शुक्रवार शाम चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा है विवाद
जानकारी के मुताबिक पूरा विवाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा हुआ है। गौरव और सौरभ के गार्डन के पास ही गली में महिला लीला अवैध शराब का कारोबार करती है। मामले में कई बार पुलिस को रहवासियों ने शिकायत की। लेकिन मान सिंह और महिला के बेटे निलेश द्वारा लोगों को धमकाकर चुप करा दिया जाता था। कुछ दिन पहले इसी मामले में क्षेत्रीय पार्षद भी थाने का घेराव करने पहुंचे थे। उनके मुताबिक मान सिंह और नीलेश अपराधी हैं। उनके पुराने रिकॉर्ड भी हैं।
गाड़ियों में कर रहे थे तोड़फोड़
मानसिंह और लीला बाई दोस्त हैं। बताया जाता है कि निलेश और उसके साथी गार्डन के बाहर खडे़ वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे थे। गौरव और उसके भाई सौरभ ने उन्हें रोका तो लीला ने मानसिंह को बुला लिया। आरोपी ने आते ही सौरभ के सीने में चाकू मार दिया। बीच-बचाव में गौरव को भी चाकू लगे थे। गौरव का अभी चोइथराम अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में शराब पीने से रोकने की बात पर चाकू मारने का केस बनाया है।

