
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां थाने के पास ब्रिज के उतार पर दो बाइक पर पीछे से आई क्रेन चढ़ गई। इस हादसे में दो नाबालिग भाई समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 40 साल की एक महिला का पैर टूट गया। उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने क्रेन के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।
हादसा मंगलवार शाम 6.13 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि ब्रिज उतर रही क्रेन ने सबसे पहले ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी, जो टक्कर से पास की दुकान के खंबे में जा घुसा। इसके बाद क्रेन ने दो बाइक को चपेट में लिया और उन्हें 200 फीट तक घसीटती रही।
अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह जानकारी सामने आई है कि क्रेन के ब्रेक फेल हो गए थे। हालांकि पुलिस का कहना है, ब्रेक फेल नहीं थे हम क्रेन को कॉरिडोर बनाकर ले गए। यह तकनीकी जांच के बाद ही पता चलेगा घटना कैसे हुई। क्रेन बस के पीछे चल रही थी और बेकाबू होकर दो बाइक पर चढ़ते हुए आगे निकल गई।
टीआई राजेंद्र सोनी ने बताया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें क्रेन रफ्तार से आगे चल रही दोनों बाइक को कुचलते हुए दिखाई दे रही है। हादसे के चलते बाणगंगा ब्रिज के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। टीआई ने कहा कि हादसा कैसे हुआ यह जांच का विषय है। शुक्ला ब्रदर्स की क्रेन के ड्राइवर अनीस खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
परिवार ने बताया मृतकों में शामिल रितेश (16) और शरद (6) दोनों सगे भाई हैं। इनकी मां शारदा गंभीर घायल हुई है। उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है। जबकि शारदा की बहन के बेटे राज (13) की भी मौत हुई है। सभी रेवती में शारदा के भाई की बेटी की शादी में आए थे। यहां से सभी अपने गांव काली देवी (झाबुआ) व डबल चौकी लौट रहे थे।
शारदा और उनके दोनों बेटे और बहन का बेटा एक ही बाइक पर सवार थे। यह सभी एक ही बाइक पर रेवती में शादी कार्यक्रम से आ रहे थे। राज के हाथों में मेहंदी लगी हुई थी और उसका नाम उसमें लिखा था। उसी से उसकी शिनाख्त हुई।
पुलिस के मुताबिक क्रेन में जो दूसरी बाइक घुसी वह सुनील परमार पुत्र मदनलाल (55) निवासी संगम नगर की है। सुनील पंचशील फार्मा कंपनी में स्टोर मैनेजर थे। पुलिस ने इनके फोन से लास्ट डायल नंबर पर कॉल किया तो सांवेर रोड पर स्थित पंचशील ऑर्गेनिक कंपनी के दो कर्मचारी अरबिंदो पहुंचे। उन्होंने शव और मोबाइल देख उनकी पहचान सुनील परमार निवासी संगम नगर के रूप में की। वे रोज कार से आते थे, लेकिन मंगलवार को ही बाइक से आए थे। उनके परिवार में भाई, पत्नी और बेटा है।
मामा के यहां से शादी में लौट रहे थे, मेहंदी लगे हाथ में नाम देख हुई शिनाख्त
सभी शारदा के भाई भंवर सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने आए थे। राज मौसी शारदा के साथ आ गया था। वो नेमावर रोड पर बंजारी गांव में रहता है। वो इकलौता बेटा है। उसके पिता चंगीराम ठाकुर उम्र 45 साल ड्राइवर है। रितेश और शरद के पिता दिनेश भी पेशे से ड्राइवर है।
बाणगंगा टीआई राजेंद्र सोनी के अनुसार, क्रेन ब्रिज से सांवेर रोड की तरफ उतर रही थी। इसके आगे बाइक चल रही थी। क्रेन बाइक सवारों पर कैसे चढ़ी इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हमारे पास सूचना आई थी कि क्रेन ने चार लोगों को कुचल दिया है और वो क्रेन के नीचे दबे हुए हैं। चार शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए और एक घायल महिला को अरविंदो अस्पताल पहुंचाया है। वास्तव में हादसा कैसे हुआ है यह जांच का विषय है।
आपबीती: पूरी सड़क पर खून ही खून था
रिक्शा चालक जहुरुद्दीन (जिसे सबसे पहले टक्कर लगी) ने बताया कि टक्कर ऐसी थी कि मैं कुछ समझ नहीं पाया। रिक्शा से उतरा तो पूरी सड़क पर खून ही खून था। 6 साल के बच्चे के जूते पड़े थे, पर उसका शव नहीं दिख रहा था। एक हेलमेट पड़ा था। सभी शव ऐसे हो गए थे कि उन्हें पोटलियों में बांधना पड़ा। क्षणभर में चार जिंदगियां खत्म हो गई।
20 मिनट बाद आई पुलिस, प्रत्यक्षदर्शी बोले ओवरटेक से बहकी क्रेन
प्रत्यक्षदर्शी विजय जाट ने कहा मैं अपनी दुकान के बाहर खड़ा था, तभी हादसा हो गया। 20 मिनट बाद पुलिस आई। लंबा जाम लग गया था। घटना दुकान के कैमरे में कैद हुई है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ओवरटेकिंग के कारण ब्रिज पर हादसा हुआ है। एक बस ने क्रेन को ओवरटेक किया तो उसका संतुलन बिगड़ गया। फिर क्रेन टक्कर मारती चली गई।
एक बेटे के शव को पहचान ही नहीं सके पिता
हादसे में मृत चारों के शव लेकर पुलिस अरबिंदो अस्पताल पहुंची। इनमें 6 साल के मासूम और 16 साल के किशोर की पहचान उनके पिता ने की। लेकिन, वे 13 साल के एक बच्चे को नहीं पहचान पा रहे थे। मैनेजर की पहचान मौके पर मिले मोबाइल से हो गई थी। इसी बीच मृत दो बच्चों का रिश्तेदार अस्पताल आया।
उसने कहा तीसरा शव दिखाओ। शव इतना क्षत-विक्षत था कि पहचान मुश्किल थी। युवक बोला इसका हाथ दिखाओ, क्योंकि सोमवार रात ही इसने शादी के माहौल में मेहंदी से अपना नाम लिखा था… हाथ पर राज लिखा मिल गया और बालक की पहचान हो गई।
सब इंस्पेक्टर राजेश साहनी और भंवर के अनुसार मौके पर दो मोबाइल मिले थे। एक फोन से कॉल किया तो दिनेश किशोरी ने बात की। वह तुरंत घटनास्थल पहुंचा, घायल महिला की पहचान पत्नी शारदा (40) के रूप में की। फिर बोला एक रितेश (16) और दूसरा शरद (6) है। सभी साले की बेटी की शादी में रेवती रेंज आए थे। खाने के बाद रितेश बाइक पर मां और शरद को लेकर पता नहीं कब चला गया।
इस तरह हुई चौथे बालक की पहचान
चौथे मासूम की पहचान नहीं हो पा रही थी। तब तक रेवती रेंज में शादी वाले घर सूचना जा चुकी थी कि दिनेश किशोरी के दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है। तभी डबल चौकी निवासी दूसरे जीजा चंगीराम की पत्नी बोली उनका 13 साल का बेटा राज नहीं मिल रहा। मौसेरा भाई विजय हठीले अरबिंदो गया। उसने मेहंदी से हाथ पर राज लिखा देख बच्चे की पहचान की। राज भी मृतक रितेश और शरद का मौसेरा भाई था। वह भी रितेश की बाइक पर उनके घर कावेरी नगर जा रहा था।

