
इंदौर विकास प्राधिकरण ने स्कीम नंबर 54 पीयू-4 में चाय और किराना व्यापारियों को रियायती दरों पर भूखंड दिए थे। व्यापारियों को सियागंज से अपना व्यापार समेटकर यहां आना था। वहीं व्यापारियों का तर्क है कि प्राधिकरण द्वारा तैयार रजिस्ट्री प्रारूप में व्यवसाय सियागंज से पीयू-4 में स्थानांतरित करने की शर्त नहीं थी। उक्त मामले में किराना व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलने पहुंचा। इस दौरान पीयू-4 की समस्याओं के निराकरण को लेकर चर्चा की गई।
सियागंज होलसेल किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। स्कीम 54 पीयू-4 के लंबे समय से चल रहे गतिरोध को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा और कार्यपालिक अधिकारी आरपी अहिरवार से विस्तार से चर्चा की। एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने 31 वर्षों से चल रही प्रक्रिया के निराकरण को लेकर चर्चा की।
व्यापारियों को लीज उल्लंघन का दे रहे नोटिस
खंडेलवाल ने बताया कि प्राधिकरण ने मार्च 2018 में हुई बोर्ड बैठक में शर्त क्रमांक 23 का उल्लंघन पर पेनल्टी लगाकार नियमित करने का संकल्प पारित किया था। बोर्ड द्वारा पारित संकल्प के अनुसार प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा पीयू-4 और सियागंज में सर्वे किया गया। इसके बाद भी 2020 में दोबारा सर्वे किया गया था। इसमें शर्तों का पालन किया जाना प्रमाणित हुआ है। इसके बाद भी प्राधिकरण व्यापारियों को लीज उल्लघंन के नोटिस दे रहा है।
बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में जो होगा, वह करेंगे
सियागंज के व्यापारियों से चर्चा हुई है। बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में जो भी सहयोग संभव होगा, वह किया जाएगा। सरकार से बात करने की जरूरत पड़ी तो व्यापारियों को साथ लेकर इस पर भी चर्चा की जाएगी। व्यापारियों के हितों का ध्यान रखते हुए समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

