
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का राजबाड़ा पर पुतला जलाने वालों पर सोमवार को केस दर्ज हुआ। भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित अन्य के खिलाफ धारा 188 के तहत कायमी की है।
दरअसल, 8 अप्रैल को शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी शुक्ला डागा ने कांग्रेस नेत्रियों के साथ मिलकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बयान के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए राजबाड़ा पर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय का पुतला जलाया था। इस घटना को लेकर भाजपा नेता अधिवक्ता दिनेश पांडे कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को सराफा थाने पहुंचे। जहां उन्होंने इस घटना को लेकर शिकायत की। सोमवार दोपहर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सराफा थाने के बाहर भारत माता की जय…महिलाओं के सम्मान में कैलाश जी मैदान में के नारे लगाए।
कार्यकर्ता ने कहा अभद्र टिप्पणी की गई है
दिनेश पांडे ने बताया कि कैलाश विजयवर्गीय का पुतला जलाने के लिए महिला कांग्रेस ने प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की गई। उन्होंने कहा कि टिप्पणी में कहा गया कि अभी पुतला ही जलाया जा रहा है, उन्हें जिंदा भी जला सकते हैं। इसके चलते सराफा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आए है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित अन्य पर कायमी
सराफा थाना प्रभारी अजय नेमा ने बताया कि इस मामले में शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी शुक्ला डागा सहित अन्य के खिलाफ धारा 188 में केस दर्ज किया गया है।

पुतला दहन के दौरान हुई थी खींचतान
आपको बता दे कि कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान भी हुई थी। खींचतान के बीच महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विजयवर्गीय का पुतला फूंकने में कामयाबी मिल गई थी। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत ही पानी डालकर आग को बुझा दिया था। इधर, इस मामले में शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी शुक्ला डागा ने कैलाश विजयवर्गीय को एक नोटिस भी भेजा है।
ये कहा था विजयवर्गीय ने…
लड़कियां इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि…
कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर के महावीर बाग में हनुमान जयंती के एक कार्यक्रम में गए थे। यहां उन्होंने यह बयान दिया था। यह वीडियो शुक्रवार को सामने आया। इसमें विजयवर्गीय ने कहा कि मैं आज भी जब निकलता हूं, पढ़े-लिखे नौजवानों, बच्चों को झूमते हुए देखता हूं तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि पांच-सात ऐसी दूं कि उनका नशा उतर जाए। सच कह रहा हूं, भगवान की कसम।हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोलूंगा। लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि… अपन महिलाओं को देवी बोलते हैं। उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता। बिल्कुल शूर्पणखा लगती हैं। सच में अच्छा सुंदर भगवान ने शरीर दिया है। जरा अच्छा कपड़ा पहनो यार। बच्चों में आप संस्कार डालिए। मैं बहुत चिंतित हूं।

