
इंदौर के पास शिप्रा में रेलवे पटरी के पास मिले नाबालिग लड़की के शव की गुत्थ सुलझ गई है।पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।किशोरी को 50 हजार रुपये में बेचने के लिए अगवा किया गया था।एनवक्त पर खरीददार मुकुर गया और आरोपितों ने किशोरी की हत्या कर शव पटरी के पास फैंक दिया। दो आरोपित अभी भी फरार है।
एसपी (ग्रामीण) हितिका वासल के मुताबिक, 25 मार्च को नाबालिग लड़की का खून से सना शव मिला था। पास में शराब की बोतल और खाने की सामग्री भी थी। पहले लगा उसे दुष्कर्म की नीयत से मारा गया है। करीब 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पुलिस ने कड़िया जोड़ी और जांच पीथमपुर तक जा पहुंची। दो दिन पूर्व पता चला कि लड़की पीथमपुर से लापता है और 22 मार्च को सेक्टर-1 थाना में अपहरण का केस दर्ज हुआ था।
लड़की के पड़ोस में ही रहती हैं दोनों महिलाएं
पुलिस ने महू और इंदौर आने वाले रास्तों के फुटेज निकाले तो 22 मार्च को ही लड़की महू बस स्टैंड पर दो महिलाओं के साथ नजर आई। स्वजन को फुटेज दिखाए तो बताया कि महिलाएं किरण पति प्रवीण और उसकी मां मनोरमा पति जगदीश परमार है, जो उसके घर के पास ही रहती हैं। एडिशनल एसपी (ग्रामीण) शशिकांत कनकने ने सोमवार को दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया।
नाबालिग थी, इसलिए युवक ने कर दिया मना
पूछताछ में मनोरमा ने बताया कि पति जगदीश और बेटे शुभम के साथ मिलकर लड़की का अपहरण किया था। आरोपित योजनाबद्ध तरीके से उसे पीपल्या मल्हार (देवास) ले गए और एक युवक को बताया। उसने यह कहते हुए खरीदने से इनकार कर दिया कि लड़की अभी नाबालिग है। आरोपित लड़की को शिप्रा लेकर आए और गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान छुपाने के उद्देश्य से उसे पत्थरों से भी कुचल डाला।
लड़की भी घर जाने की जिद कर रही थी
एडिशनल एसपी शशिकांत कनकने के मुताबिक, आरोपित पीथमपुर में ही काम करते हैं। उसने एक फैक्ट्री में काम करने वाले युवक से 50 हजार रुपये में बेचने की बात कर ली थी, लेकिन अंत में उसका सौदा निरस्त हो गया।पीपल्या मल्हार के युवक ने भी लड़की को खरीदने से इनकार कर दिया। इसके बाद लड़की भी घर जाने की जिद करने लगी। आरोपितों ने सुनसान स्थान देख कर उसे मार डाला।

