
एक तरफ कोरोना का कहर बढ़ रहा है दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने नियमित कोरोना बुलेटिन ही जारी करना बंद कर दिया है। इस वजह से आमजन को पता ही नहीं चल पा रहा है कि शहर में कोरोना की स्थिति क्या है। कितने सैंपल जांचे गए और संक्रमण दर कितने प्रतिशत है। जानकारियों के अभाव में आमजन लापरवाही बरत रहे हैं। शहर में फिलहाल न कोरोना बुलेटिन नियमित रूप से जारी हो रहा है न सैंपलिंग बढ़ाई जा रही है। सिर्फ उन्हीं लोगों की कोरोना जांच हो पा रही है जो खुद निजी सेंटरों पर जाकर जांच करवा रहे हैं।
कोरोना के टीके लगना भी हुए बंद
सिर्फ मेडिकल बुलेटिन ही अनियमित नहीं हुआ शहर में कोरोना के टीके लगना भी बंद हो चुके हैं। जिला टीकाकरण नोडल अधिकारी डा.तरूण गुप्ता के अनुसार वर्तमान में शहर में सभी कोरोना टीकाकरण केंद्र बंद कर दिए गए हैं। इसकी वजह है कि विभाग के पास एक भी कोरोना टीका उपलब्ध नहीं है। किसी समय इंदौर में 200 से ज्यादा कोरोना टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे थे। आजादी महोत्वस के तहत सभी वयस्कों के लिए कोरोना का सतर्कता डोज निश्शुल्क भी कर दिया गया था।
इसके बावजूद लोग टीका लगवाने टीकाकरण केंद्रों तक नहीं पहुंचे। इंदौर में वर्तमान में 25 लाख से ज्यादा लोग हैं जिन्होंने अब तक कोरोना का सतर्कता डोज नहीं लगवाया है। कोरोना का कहर बढ़ने के बाद अब ये लोग टीकाकरण केंद्र तलाश रहे हैं। इंदौर में वर्तमान में दो दर्जन के लगभग कोरोना संक्रमित उपचाररत हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि डाक्टरों के मुताबिक इन सभी की स्थिति नियंत्रित हैं। किसी में भी कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे लापरवाही न बरतें और कोरोना प्रोटोकाल का पालन जारी रखें। भीड़ वाले स्थानों मास्क पहनकर ही जाएं।
