
अनिश्चितकालीन अवकाश पर हैं अधिकारी और कार्यकर्ता, कलेक्टर चौराहे पर बनाई श्रृंखला, सौंपा ज्ञापन, लाड़ली बहना योजना भी हो रही प्रभावित।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दस दिनों से अनिश्चितकालीन अवकाश पर हैं। इंदौर में शनिवार को साढ़े तीन हजार से ज्यादा अधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को सांवेर मंडी प्रांगण में जाकर ज्ञापन सौंपा गया।
संयुक्त मोर्चा आइसीडीएस परियाेजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ द्वारा शनिवार को कलेक्टर चौराहे पर अपनी मांगों को लेकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया । उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अनिश्चिचतकालीन अवकाश पर है। वेतन विसंगति, पदोन्नति, संविदा सुपरवाइजर को नियमित करने और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने जैसी मांगे लंबे समय से लंबित हैं। संयुक्त मोर्चा आइसीडीएस के जिला अध्यक्ष भेरूलाल सिरोले का कहना है कि प्रदेशभर के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और कार्यकर्ता अनिश्चिचतकालीन अवकाश पर हैं।
प्रभावित हो रहे मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना सहित अन्य काम
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे पोषण आहार और अन्य कार्य परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के जिम्मे हैं। दस दिन से अनिश्चितकालीन अवकाश के कारण आंगनवाड़ियों में बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा 20 मार्च से शुरू होने वाले पोषण पखवाड़े को भी स्थगित करना पड़ा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
