
गेर समाप्त होते ही मशीनों के साथ मैदान में उतरा सफाईमित्रों का काफिला। रंगपंचमी पर एक ओर गेर में शामिल लोगों ने रंगभरा उल्लास दिखाया तो दूसरी तरफ गेर समापन के बाद नगर निगम के अमले ने रंग, पानी और जूते-चप्पलों से गंदी हुई सड़कों को तत्काल साफ करने का बीड़ा उठा लिया।
गेर समाप्त होते ही नगर निगम के 500 सफाई मित्र मशीनों के साथ सफाई के लिए सड़कों पर उतर गए। देखते ही देखते उन्होंने राजवाड़ा क्षेत्र चकाचक कर दिया। इसके बाद सराफा, खजूरी बाजार और आसपास के क्षेत्रों की सफाई का नंबर आया। दो घंटे में राजवाड़ा चौक सहित पूरा गेर मार्ग को साफ किया जा चुका था। परंपरा और जन भावनाओं के आगे नतमस्तक नगर निगम ने उन लोगों के जूते-चप्पल भी उठाए जो गेर के उत्साह में सड़कों पर छोड़ गए थे। इंदौर के सफाईकर्मियों ने दिखा दिया कि इंदौर क्यों लगातार सफाई के मामले में देश में नंबर वन बनता आ रहा है।
शाम करीब पौने चार बजे निगम का अमला मैदान में उतरा। सबसे पहले राजवाड़ा क्षेत्र की सफाई शुरू हुई। यह क्षेेत्र चप्पल-जूते और पन्नियों से अटा पड़ा था। सीपिंग मशीन, सक्शन मशीन, टोलबो मशीन आदि की मदद से करीब पौन घंटे मशक्कत चली जिसके बाद यहां की सड़कें साफ हो सकीं।
सड़कों को साफ करने के बाद राजवाड़ा की रैलिंग और सड़कों को पानी से धोने का काम शुरू हुआ। निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि राजवाड़ा और सड़कों की सफाई पर करीब सात टेंकर पानी लगा।
पांच डंपर चप्पल-जूते निकले
सड़कों की सफाई के साथ-साथ कचरा उठाने की मशक्कत भी चल रही थी। डा. उपाध्याय ने बताया कि निगमकर्मियों ने गेर मार्ग से पांच डंपर जूते-चप्पल उठाए। इसके अलावा 12 डंपर दूसरा कचरा जिसमें पन्नियां और रैपर इत्यादि हैं भी उठाया गया। पिछले वर्ष के मुकाबले पन्नियों की मात्रा कम हुई है।
आसपास के क्षेत्रों में भी चला सफाई अभियान
रंगपंचमी की वजह से सुबह के वक्त मोहल्लों में सफाई नहीं हुई थी। दोपहर बाद इन इलाकों में भी सफाई अभियान चला।

