
रेलवे स्टेशन के समीप हुई हत्या के मामले में शासकीय रेलवे पुलिस(जीआरपी) और जिला पुलिस बल(डीएफ) ने खूब किरकिरी करवाई। अपनी सीमा से बाहर जाने वाली दोनों पुलिस सीमांकन को लेकर झगड़ती रहीं। मामला बड़े अफसरों तक पहुंचा तो फटकार पड़ी और विवेचना डीएफ को करनी पड़ी। काल सेंटर के टीम लीडर संस्कार की हत्या हुई, वह जीआरपी थाना के समीप था। छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस ने इसी को आधार बनाया और जांच से हाथ खींच लिए। जीआरपी ने कहा हम तो यार्ड के हिसाब से सीमा देखते हैं। नामजद मुलजिम होने के बाद भी दोनों थानों के अफसर दस्तावेज निकाल कर यह जताने में जुट गए कि उक्त जमीन किसके हिस्से में आती है। खुफिया शाखा की रिपोर्ट पर दूसरे दिन मुद्दा भोपाल पहुंचा तो फटकार पड़ी और कंट्रोल रूम पर मंथन होने लगा। अंतत: तय हुआ कि विवेचना ग्वालटोली थाना में ही होगी।
