
इंदौर में तेल कारोबारी कमलेश शर्मा के साथ हुई दो लाख रुपये की लूट का राजफाश हुआ है। लूट की साजिश किराना दुकान के कर्मचारी कुलदीप ने की थी। कमलेश दुकान पर कलेक्शन करने आता था और कुलदीप नोटों की गड्डियां देख लेता था। लुटेरों ने राशि का बंटवारा कर लिया था। ज्यादा खर्च करने पर पुलिस को भनक लगी और क्राइम ब्रांच ने चार आरोपितों को पकड़ लिया।
डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक, 15 नवंबर को स्कीम 78 में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के पास तेल कारोबारी को बाइक सवार चार बदमाशों ने लूटा था। गुरुवार रात पुलिस ने संजयसिंह संधू निवासी मयूर नगर, कुलदीप निवासी पाटनीपुरा, अशोक यादव निवासी निरंजनपुर और नीतेश उर्फ रितेश बोहरे निवासी खातेगांव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपितों से 70 हजार रुपये और कमलेश का स्कूटर जब्त किया।
दोस्तों के साथ ऐसे की साजिश
डीसीपी के मुताबिक, गिरोह में शामिल आरोपित कुलदीप मूलत: खरगोन का रहने वाला है और पाटनीपुरा स्थित एक किराना दुकान पर नौकरी करता है। तेल कारोबारी कमलेश शर्मा उक्त दुकान पर रुपये लेने आता था। कुलदीप रोज उसके बैग में नोटों की गड्डियां देखता था। उसे पता चल गया था कि कमलेश लाखों रुपये ले जाता है। उसने यह बात दोस्तों को बताई और लूट की साजिश करने लगे। आरोपितों ने तय किया कि कमलेश को ऐसे स्थान पर लूटा जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरे न हो।
टक्कर मारने के बहाने बातों में उलझाया
15 नवंबर को कमलेश शर्मा जैसे ही पाटनीपुरा से रुपये लेकर निकला, आरोपित उसके पीछे लग गए। स्कीम 78 पहुंचते ही दो युवक आए और कहा कि तुमने टक्कर मार दी है। कमलेश को बातों में उलझाया और दो साथियों को भी बुला लिया। कमलेश के साथ मारपीट की और रुपयों के साथ स्कूटर लेकर फरार हो गए। रुपये निकालने के बाद स्कूटर कनाड़िया थाना क्षेत्र में बायपास पर छोड़ दिया।
ज्यादा रुपये खर्च करने पर खुल गई पोल
क्राइम ब्रांच को खबर मिली कि संजय कुछ दिन से काफी रुपये खर्च कर रहा है। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन निकाली तो घटना स्थल की निकली। जिस वक्त पुलिसकर्मी उसे पकड़ने पहुंचे, घर में शादी का माहौल था। बहाने से बाहर बुलाया, लेकिन उसने लूट से स्पष्ट इनकार कर दिया। लोकेशन और फुटेज दिखाते ही वह टूट गया और साथियों के नाम बता दिए।

