मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता नहीं की जाए लेकिन इंदौर में पुलिस कर्मियों के द्वारा लगातार पीड़ितों के साथ अभद्रता के मामले सामने आ रहे हैं इसी कड़ी में एक मामला सामने आया इंदौर के हीरा नगर थाना क्षेत्र में हीरा नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक पीड़िता अपने पति की शिकायत लेकर हीरा नगर थाना प्रभारी के पास पहुंची और इस पूरे मामले में हीरा नगर थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने पति-पत्नी को बिठाकर काउंसलिंग भी शुरू कर दी लेकिन इसी दौरान वह पीड़िता को ही विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर धमकाने लगे साथ ही पीड़िता ने थाना प्रभारी से निवेदन किया कि वह पति के ऊपर विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करें लेकिन थाना प्रभारी का यह कहना था कि पूरा मामला कोर्ट से संबंधित है अतः इस पूरे मामले में कोर्ट में प्रतिवेदन लगाकर पूरे मामले में निराकरण करवाया जाए लेकिन जब पीड़िता ने पूरे मामले में पति के द्वारा मारपीट कर हत्या करने की धौस दी जाती है तो थाना प्रभारी ने पीड़िता को यह कह कर थाने से लौटा दिया कि यदि पति के द्वारा तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी तो पोस्टमार्टम करवा दिया जाएगा और उसके बाद पति के खिलाफ 302 की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया जाएगा, इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत प्रति मंगलवार को होने वाली पुलिस जनसुनवाई में करने पहुंची, तो यहां पर मौजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़िता की किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं करते हुए संबंधित एसीपी के पास पूरे मामले में शिकायत करने की बात कह कर उसे रवाना कर दिया फिलहाल पीड़िता ने आने वाले दिनों में पूरे मामले में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने की बात कही है वहीं पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी सन 2016 के आसपास नागपुर में रहने वाले एक युवक से पारिवारिक रीति रिवाज के माध्यम से हुई थी वही शादी के दौरान भी पति ने विभिन्न तरह के झूठे आश्वासन दिए थे और जिस जगह पर नौकरी करते थे उसके बारे में भी गलत जानकारी दी थी पीड़िता ने कहा कि पति के द्वारा बताया गया था कि वह नागपुर की मेट्रो कंपनी में पदस्थ है लेकिन शादी के बाद यह जानकारी लगी कि वह तो एक दूसरी कंपनी में काम करते हैं और जब इस बात को लेकर उन्होंने पति से पूछताछ की तो विरोध करने के साथ ही मारपीट कर घर से निकाल दिया इसके बाद से पीड़िता अपने मायके में रह रही है फिलहाल जिस तरह से रेप पीड़िता ने पूरे मामले की शिकायत आकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को की लेकिन उसके बाद भी उसकी शिकायत का निराकरण नहीं हुआ उससे कई तरह के अनुमान लगाए जाते हैं फिलहाल अब देखना होगा कि आने वाले समय में पीड़िता की सुनवाई किस तरह से होती है।
