
इंदौर में देर रात जोमैटो डिलीवरी बॉय को साइकिल से फूड डिलीवर करते देख विजय नगर थाना प्रभारी का दिल पसीज गया। उन्होंने थाने के स्टाफ के साथ मिलकर एक दिन की सैलरी इकट्ठा की। इन रुपयों से टीआई ने डिलीवरी बॉय को नई बाइक गिफ्ट कर दी। डिलीवरी बॉय इतना खुश हुआ कि बाइक से डिलीवरी करने के बाद रात को थाने पहुंचा। उसने बताया कि पहले दिन उसने हजार रुपए कमाए हैं।
विजय नगर टीआई तहजीब काजी ने बताया कि वे कुछ दिनों पहले गश्त पर थे। तभी उन्होंने साइकिल से एक फूड डिलीवरी बॉय को देखा। वह बहुत जल्दी में था। काजी ने उसे रोक लिया। डिलीवरी बॉय ने कहा कि उसे फूड डिलीवर करना है। साइकिल से कई बार खाना लेट पहुंचाने के कारण उसे ग्राहकों से डांट भी सुननी पड़ती थी। घर में मां और छोटा भाई है। साइकिल से डिलीवरी करने पर दिन भर में 300-400 रुपए ही कमा पाता है। इससे घर का खर्च पूरा नहीं हो पाता। पिता 2 सालों से मजदूरी करने नासिक गए हैं। जय 10वीं तक पढ़ा है। वह जनता क्वार्टर के पिंक फ्लावर स्कूल में पढ़ता था। एक्सीडेंट में हाथ टूटने के बाद स्कूल जाना बंद हो गया। आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण वह आगे नहीं पढ़ पाया। वह अभी छोटे भाई को पढ़ा रहा है। जो पांचवी क्लास में है। डिलेवरी बॉय ने बताया की उसका नाम जय हल्दे है और मालवीय नगर में रहता है।
टीआई ने सोच लिया था परेशानी दूर करेंगे
टीआई तहजीब काजी ने बताया की मेने सोच लिया था कि उसकी ये परेशानी दूर करेंगे। थाने के स्टाफ की मदद से उन्होंने एक दिन की सैलरी जुटाई। 32 हजार रुपए डाउन पेमेंट जमा कर डिलीवरी बॉय को नई बाइक दिला दी।
थाने से फोन आया तो डर गया
जय ने बताया, रविवार दोपहर उसके पास विजय नगर थाने से फोन आया। थाने बुलाने के नाम वह डर गया। मां ने कहा कि कुछ गलत तो नहीं किया है। जय हिम्मत जुटा कर थाने पहुंचा तो डर कर साइकिल भी थाने के बाहर ही खड़ी कर दी। तब टीआई ने उससे कहा तुम्हें एक नई बाइक दिला देते हैं। किस्त जमा कर पाओगे? जय ने भी खुद्दारी दिखाई। उसने पुलिस से कहा कि आप लोग बस डाउन पेमेंट कीजिए। बाकी का पैसा मैं खुद कमाकर भरूंगा। पुलिसकर्मियों ने ऐसा ही किया। जय ने कहा कि अब मैं गाड़ी से ज्यादा डिलीवरी कर सकता हूं तो आगे की किस्त मैं खुद जमा करूंगा।
पहले ही दिन एक हजार रुपए कमाए
जय को नई बाइक मिलने के बाद वह सीधे फूड डिलीवरी करने निकल गया। देर रात डिलीवरी खत्म होने के बाद वह फिर थाने पहुंचा और टीआई को बताया कि उसने शाम 5 से रात 12 बजे तक 1 हजार रुपए कमा लिए हैं।

