इंदौर में मंदिरों में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पाठ को लेकर अब तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं। जिसको लेकर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट कहते हैं मध्य प्रदेश शांति का टापू है सद्भाव का संकल्प है और हमारी सरकार की जिम्मेदारी है कि मध्य प्रदेश के इस वातावरण अच्छा बना कर रखना है। वहीं दूसरी तरफ सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा का कहना की रोज नई टेक्नोलॉजी बदल रही है कपड़ों का कलर बदल रहा है बालों की स्टाइल बदल रही है अगर लोग उसमें भी स्टाइल बदल रहे है तो उसमे क्या दिक्कत है। लोगों को अपने धर्म और प्रार्थना के तरीके के बारे मे पूरी आजादी है। वही इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने इन सब मुद्दों को बैठकर सुलझाने की बात कही है।
दरअसल, महाराष्ट्र इके बाद अब इंदौर में भी हनुमान चालीसा इपाठ को लेकर राजनितिक बहस शुरू हो चुकी है, जहाँ इंदौर के एक हनुमान मंदिर में दिन 5 बार लाउड स्पीकर के माध्यम से हनुमान चालीसा पढ़ी जा रही है, वही अब इस पाठ को सीधे सीधे 5 वक्त की होने वाली आज़ान से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने इसे वक्त के साथ का बदलाव बताया है, उन्होंने कहा की लोगों को अपने धर्म और प्रार्थना के तरीके के बारे मे पूरी आजादी है, और रोज नई टेक्नोलॉजी बदल रही है कपड़ों का कलर बदल रहा है बालों की स्टाइल बदल रही है अगर लोग उसमें भी स्टाइल बदल रहे है तो उसमे क्या दिक्कत है।
वही जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शांति का टापू है, सद्भाव का संकल्प और हमारी सरकार की जिम्मेदारी है कि वातावरण बना कर रखना और इस वातावरण की फिजा को खराब करने का कार्य अगर कोई भी व्यक्ति करेगा, तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
वही इंदौर में उपजे इस नए मसले को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि यह सब चीजें बैठकर सुलझाना चाहिए, इसमें पक्ष सही हो सकता है। फिर भी मुझे भी इसमें कई बार शिकायतें मिली है मस्जिदों में जो लाउडस्पीकर सुबह बसते थे ज्यादा संख्या में हो गए थे, लाउडस्पीकर के डायरेक्शन ऐसे थे कि सुबह बीमार व्यक्ति और पढ़ने वाले बच्चों को डिस्टर्ब होता है, उसके लिए भी हमने कई जगह पर बंद कराया है। वही हमारे प्रबंध समिति के मस्जिदों के मौलवी हैं उनसे बात करने पर उन्होंने उसका वॉल्यूम भी कम किया है, लेकिन ऐसा कोई भी कार्य जो कि जनता में गलत संदेश देता है जिससे आमजन को असुविधा नहीं होना चाहिए, साथ ही उन्होंने कहा की आपस में बैठकर चर्चा करें, तनातनी का माहौल शहर में नहीं होना चाहिए। क्योंकि शहर की शांति सर्वोपरि है।

