
मुख्यमंत्री की फटकार का छोटे पुलिसकर्मियों पर भी कोई असर नहीं हो रहा है। संवेदनशील थानों में तो टीआइ के जाते ही पुलिसकर्मी खर्राटे भरने लगते हैं। बुधवार तड़के एसपी सतर्कता जांचने पहुंचे तो थाने खुले पड़े थे। संतरी राइफल बगल में रखकर सो रहा था। हेड मोहर्रिर (एचसीएम) भी खर्राटे लेता मिला। नाराज एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया। दो हेड मोहर्रिर, एक संतरी और दो थाना प्रभारियों को भी नोटिस जारी किए हैं।
एसपी (पूर्वी) आशुतोष बागरी के मुताबिक, वर्तमान परिस्थिति में सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कईं बार पुलिसकर्मी रात में गड़बड़ी करते हैं। बुधवार तड़के करीब 5 बजे 12 थानों की स्थिति जांची तो लापरवाही सामने आई। आजाद नगर थाने में संतरी जितेंद्र रावत राइफल बगल में रखकर टीआइ इंद्रेश त्रिपाठी के केबिन में सो रहा था। हेड मोहर्रिर कृष्णकुमार भी अपनी जगह पर नहीं था और एक कमरे में सो रहा था। एसपी के ड्राइवर व गनमैन ने उठाया तो कहा, थक गया था इसलिए कमर सीधी करने के लिए लेट गया था। नाराज एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया। एसपी ने हवालात और मालखाना की भी जांच की। तत्काल कंट्रोल रूम को खबर की और लापरवाही की जानकारी नोट करवाई।
बगैर कारण थानों में बैठे मिले युवक, टीआइ से मांगा जवाब
एसपी ने पूर्वी क्षेत्र के 12 थानों का औचक निरीक्षण किया।
कोतवाली थाने का प्रधान आरक्षक और सिपाही भी ऊंघता मिला। एमजी रोड थाने में भी एक कार्यवाहक एएसआइ नींद निकाल रहा था। एसपी ने तीनों को नोटिस जारी किया है। उधर परदेशीपुरा और विजय नगर थाने में तो कुछ लोग ऐसे थे जिन्हें बगैर कारण हिरासत में रखा था। युवकों को क्यों बैठाया, इसका हेड मोहर्रिर और संतरी के पास जवाब नहीं था। एसपी ने टीआइ अशोक पाटीदार (परदेशीपुरा) और तहजीब काजी (विजय नगर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
