
जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद पति का व्यवहार बदल गया। एक बेटी की मौत हो गई। पति शराब के नशे में डूब कर मारपीट करने लगा। बात तलाक तक पहुंच गई। वन स्टाप सेंटर में मामला पहुंचा तो समझाइश के बाद दोनों साथ में रहने के लिए राजी हो गए। बुधवार को ही उनकी एक बेटी का जन्मदिन भी था।
प्रशासक वंचना सिंह परिहार ने बताया कि अदिति पति अमोल (परिवर्तित नाम) ने बीते 16 अगस्त को केन्द्र पर पति के खिलाफ शिकायत की थी कि पति मारपीट करता है। उसे घर से निकाल दिया है। मैं साथ रहना चाहती हूं, लेकिन पति साथ नहीं रहना चाहते है। वे कुछ काम भी नहीं करते है। उसने आगेे बताया कि पति ने शादी के तीन साल तक मुझे बहुत अच्छे से रखा। दो जुड़वां लड़कियों के जन्म से सब बिगड़ गया। बेटियां होने से सास नाराज थी तो पति को भड़काने लगी, बच्चियों के जन्म के समय मैं मायके में थी,तीन महीने बाद ससुराल आई तब एक बच्ची बहुत बीमार थी, पति ने ठीक से इलाज नहीं करवाया और बच्ची तीन दिन में शांत हो गई। फिर विवाद हुआ और बात थाने तक पहुंच गई, वहां समझौता हुआ। पति शराब पीकर
परिहार ने बताया कि अमोल को बुलाया गया। उसका कहना था कि बेटी को मैंने अच्छे डॉक्टर को दिखाया था। मेरे पास कागजात भी है, फिर भी मुझ पर और मेरी मां पर आरोप लगाया गया है। मेरी मां और बहन की झूठी शिकायत कर दी की वो हमारा तलाक करवाना चाहती है, मेरी बहन तो खंडवा में रहकर पढ़ रही है। लाकडाउन की परेशानी मे काम ठीक से नहीं चल रहा था और बेमतलब के झगड़े अलग तो शराब पीने लगा। पत्नी बात-बात में परिवार वालों को बुलाती है, विवाद पर उसके घरवाले पुलिस लेकर आ गए और अदिति उनके साथ अपनी मर्जी से मायके गई। परिहार ने बताया कि दोनों को साथ में समझाया गया तो दोनों एक-दूसरे की गलतियों को माफ कर साथ रहने के लिए राजी हो गए। पति बेटी का जन्मदिन साथ मनाना चाहता था। बुधवार को बेटी का जन्मदिन था। जिससे दोनों साथ में ही घर के लिए रवाना हुए।
