मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में कांग्रेस द्वारा राजवाड़ा से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया लेकिन कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन ने उग्र आंदोलन का रूप लिया जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों द्वारा लाठीचार्ज करते हुए वाटर कैनन का कांग्रेसियों पर प्रयोग किया गया…।
इंदौर में कांग्रेस कमेटी द्वारा राजवाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक मौन रैली के रूप में निकाली गई लेकिन यह मौन रैली कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन देने से पहले ही उग्र आंदोलन के रूप में परिवर्तित हो गई इस रैली में कांग्रेसी विधायक कांग्रेस कमेटी सहित यूथ कांग्रेश के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए काफी संख्या में भीड़ को सामान लेने के लिए वह सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय से कुछ कदमों की दूरी पर ही भारी पुलिस बल के साथ बैरिकेड लगाए गए थे जब कांग्रेसियों को कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया तो आंदोलन काफी उग्र का रूप ले लिया सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों को वॉटर कैनल सहित लाठीचार्ज तक का भीड़ पर प्रयोग करना पड़ा इस मौके पर प्रदर्शन में शामिल कांग्रेसी विधायक जीतू पटवारी का कहना था कि प्रशासन पूरी तरह से सरकार के अधीन काम कर रहा है प्रशासन द्वारा जन आशीर्वाद से लेकर अन्य सभी सरकार द्वारा निर्मित कार्यक्रमों की अनुमति दी जा रही है लेकिन शादी ब्याह से लेकर अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रशासन महामारी का सहारा लेकर गाइडलाइन का जिक्र करता है प्रशासन पूरी तरह से बीजेपी का कार्यकर्ता बनकर शहर में काम कर रहा है
पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने भी प्रशासन सहित बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सौदा वाली सरकार मैं पूरी तरह से वह वक्त है 2023 में कांग्रेसी फिर से जीतेगी इस कारण से अब बीजेपी सरकार अपनी मनमानी कर रही है
