
सोना तस्करी मामले में डीआरआइ ने जांच शुरू कर दी है। आरंभिक रूप से कुछ व्यापारी चिन्हित हुए हैं जिनके बारे में आशंका है कि लाकडाउन के दौरान उन्होंने कई बड़े सौदे किए हैं। डीआरआइ ने इन व्यापारियों को पूछताछ के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। जल्दी ही बाकी व्यापारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इधर इस बात की जानकारी भी जुटाई जा रही है कि सौदों में किन-किनकी और कितनी भूमिका थी।
गौरतलब है कि आरबी ज्वेलर्स के संचालक रवि पुत्र राजेंद्र जैन को शुक्रवार दोपहर महावीर कृपा अपार्टमेंट से उसके भाई योगेंद्र जैन, कर्मचारी दिनेश जैन निवासी परमहंस नगर और दलाल अरविंद पुत्र नारायणदास नीमा निवासी नेमा नगर के साथ गिरफ्तार किया गया था। मौके से तीन किलो 75 ग्राम सोना और एक करोड़ 50 लाख रुपये भी जब्त हुए थे। जब्त बिस्किट पर विदेशी बैंकों का मार्का होने की पुष्टि होने के बाद मामले की जांच डीआरआइ ने अपने हाथ में ले ली।
आरंभिक जांच में पता चला है कि सराफा के कुछ व्यापारियों ने लाकडाउन के दौरान कई बड़े सौदे किए थे। डीआरआइ ने कुछ व्यापारियों की पहचान कर भी ली है। इनमें से कुछ से पूछताछ भी की गई। यह भी पता चला है कि सराफा के कुछ व्यापारियों के कुछ कर्मचारी गायब चल रहे हैं। आरंभिक तौर पर व्यापारियों की संख्या आधा दर्जन से ज्यादा बताई जा रही है।
