- करणी सेना का एजेंडा- एससी-एसटी एक्ट के नाम पर दलितों और राजपूत समाज काे लड़ाने का काम बंद करें राजनैतिक दल
- आठ सूत्रीय मांगों को लेकर की महारैली

उज्जैन में श्री राजपूत करणी सेना ने रविवार को विशाल रैली कर राजपूत समाज की ताकत का एहसास कराया। सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि आरक्षण के नाम पर सभी दल आजादी के बाद से सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। आरक्षण से सिर्फ सवर्ण समाज के लोगों को नुकसान हो रहा है। प्रतिभाएं समाप्त हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दे रखा है। चुनावों में आरक्षित सीटों पर सिर्फ आरक्षित वर्ग के लोग ही लड़ सकते हैं। जब अनारक्षित सीट होती है तो सभी जातियों के लोग चुनाव लड़ने चले आते हैं। ऐसे में या तो आरक्षण को समाप्त कर दिया जाए या फिर संविधान में संशोधन किया जाए ताकि अनारक्षित सीट पर सिर्फ सवर्ण समाज के लोग ही चुनाव लड़ सकें।

दलित के नाम पर राजनैतिक दल एससी-एसटी एक्ट को लेकर सिर्फ हमें आपस में लड़ा रहे हैं। आज दलित भाई हमें अपना विरोधी समझने लगे हैं। हम सभी जातियों का सम्मान करते हैं। दलित हमारे भाई हैं। उन्हें हम गले लगा कर रखते हैं। पॉलिटिकल पार्टियों की इस साजिश के खिलाफ हमें खड़ा होना होगा। तीन-तीन पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ लेते आ रहे हैं। इसके बावजूद 85 प्रतिशत आबादी आज भी अपने को पिछड़ा और शोषित कहती हैं। आजादी के बाद से आरक्षण और पंच वर्षीय योजनाएं चलाकर अगर उनका उत्थान नहीं हो रहा है तो ऐसी योजनाओं को बंद कर देना चाहिए। आरक्षण से प्रतिभावान बच्चों को उसके आगे झुकना पड़ता है जो 33 प्रतिशत से भी कम अंक पाते हैं।

अभी तो ये झांकी है अभी तो पूरा देश बाकी है
मकराना ने कहा कि उज्जैन की विशाल जनसभा से दिल्ली से लेकर पूरे देश में संदेश जाएगा। करणी सेना को पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रैली में जम्मू कश्मीर, बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई जिलों से राजपूत समाज के लोग आए हैं।

रैली में क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जड़ेजा को भी आना था। लेकिन ऐनवक्त पर उनके आने का कार्यक्रम रद्द हो गया। वहीं यूपी विधानसभा सत्र चलने के कारण कद्दावर राजपूत नेता व प्रतापगढ़ के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया के आने का कार्यक्रम भी निरस्त हो गया। सेना के शीर्ष संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, मध्य प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह चौहान भी सभा को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि रैली के बहाने देश व प्रदेश में राजपूत समाज को एकमंच पर लाने के कवायद शुरू हो चुकी है। सेना के नगर अध्यक्ष शुभम सिंह राजपूत ने बताया कि रैली में उज्जैन, इंदौर व प्रदेश के कई जिलों से राजपूत समाज के लोग आ रहे हैं।
नानाखेड़ा स्टेडियम में जुटने लगी भीड़
रैली में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही नानाखेड़ा स्टेडियम पहुंचे। महिलाएं भी आकर्षक वेषभूषा और सिर पर राजपूत साफे बांध कर आईं। रैली दो बजे के करीब नानाखेड़ा स्टेडियम से सभा स्थल दशहरा मैदान के लिए निकली। रैली का रास्ते में जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वागत किया जा रहा है। रैली में बड़ी संख्या में युवा शामिल थे।


ये हैं मांगें
1. चुनाव में सामान्य सीट पर सामान्य वर्ग के लोग ही चुनाव लड़ें।
2 एससी-एसटी एक्ट में संशोधन हो। झूठे प्रकरणों में निष्पक्ष जांच हो।
3 जिला मुख्यालय में राजपूत समाज के छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण हो।
4 आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में शामिल होने से रोका जाए।
5 एक बार आरक्षण का लाभ ले चुके लोगों को दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं मिले।
6 गरीब सामान्य वर्ग के छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिले।
7 10 प्रतिशत आरक्षण जो सवर्ण समाज के लिए है, इसकी समीक्षा की जाए। इसकी पात्रता के लिए प्रशासन की ओर से जारी होने वाले प्रमाण पत्र की वैधता तिथि एक साल के बजाए पांच साल हो।
8 उज्जैन जिले की घटि्टया तहसील का नाम प्रतापनगर किया जाए।

