मध्यप्रदेश की विभिन्न जेलों के 3900 कैदियों को दी गई पैरोल को कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को देखते हुए 60 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। इस बात की घोषणा प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पहले ही कर चुके हैं अब ये कैदी नवंबर महीने के अंत तक अपनी जेलों में वापस लौटेंगे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में राज्यों को जेलों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का और अंतरिम जमानत देने का फैसला लिया था।राज्य की 125 जेलों में करीब 43 हजार कैदी हैं। इनमें से 3900 कैदियों को पैरोल दी गई थी और 3000 कैदियों को अंतरिम जमानत दी गई थी इंदौर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 500 कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था प्रदेश के गृहमंत्री बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब 60 दिन की पैरोल और बढ़ा दी है
जिला जेल अधीक्षक के अनुसार जो नए बंदी आ रहे हैं उनका कोना टेस्ट कराया जाता है और उन्हें दो आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है पहले आइसोलेशन वार्ड में अभी 14 दिन रहते हैं उसके बाद पुनः उनकी जांच की जाती है और उसके बाद 7 दिन के लिए दूसरे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाता है और 21 दिन के आइसोलेशन वार्ड में रहने के बाद उनका स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है और फिर उन्हें अन्य बंदियों के साथ रखा जाता है
संक्रमण को देखते हुए जेलों में एहतियात बरतें जा रहे हैं बंधुओं से मुलाकात करने आने वाले परिजनों का थर्मल टेस्ट के साथ-साथ उनकी मुलाकात टेलिफोनिक कराई जा रही है जिससे कि संक्रमण पर लगाम लगाई जा सके
सुपर इंदौर में भी कैदियों की बढ़ाई गई पैरोल अवधि
500 से अधिक कैदी है पैरोल पर
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मार्च महा से हैं कैदी पैरोल पर
गृह मंत्री के आदेश के बाद 60 दिन की बढ़ाई गई पैरोल
पूरे प्रदेश के जिलों में हो रहा है पैरोल का नियम लागू

