• पहले चालान प्रवर्तन लिफिक को दिया जाएगा
• जिला न्यायालय नियमित कार्यों में कुछ बदलाव
• वकीलों और फरियादियों के हितों में बदलाव
जिला न्यायालय के नियमित कार्यों को लेकर जारी व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी केस का चालान थाना मुंशी सीधे जज के समक्ष पेश नहीं कर सकेंगे। इसके लिए एडिशनल डिस्ट्रिक प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर के माध्यम से ही चालान पेश किए जाएंगे।
दरअसल अब एडीपीओ की मौजूदगी में पहले चालान प्रवर्तन लिफिक को दिया जाएगा और फिर जज के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस को चालान पेश करने से कुछ दिन पहले इसकी जानकारी सभी पक्षों अर्थात आरोपी, फरियादी और न्यायालय को देना होगी। जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र वर्मा ने बताया आयोजित शिकायत कमिटी की बैठक जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में आयोजित की गई थी । बैठक में बार अध्यक्ष ने दिन-प्रतिदिन के कार्य निष्पादन में आने वाली रामस्याओं के संबंध में एका ज्ञापन दिया..
गौरतलब है कि इस बदलाव से पुलिस द्वारा चालान पेश करने में की जा रही मनमर्जी पर अंकुश लगेगा। जिन केसों में आरोपी को जमानत मिल चुकी है, उनमें चालान पेश होने से पहले हर पेशी पर कोर्ट में उपस्थित होने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है, उनके वकील की उपस्थिति भी मान्य होगी।

