
पत्नी के चरित्र पर शंका के चलते बेटी की गला घोंटकर उसकी हत्या करने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारे पिता ने बेटी की हत्या के बाद उसके शव को ड्रम में भर दिया था।
इंदौर। पत्नी के चरित्र पर शंका के चलते बेटी की गला घोंटकर उसकी हत्या करने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारे पिता ने बेटी की हत्या के बाद उसके शव को ड्रम में भर दिया था। हत्यारे ने बेटी की हत्या के बाद पत्नी की जान लेने की कोशिश भी की थी, लेकिन जब वह असफल रहा तो उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। सेशन जज शुभ्रा सिंह ने यह फैसला सुनाया है।
चार साल पहले फिरोज गांधी नगर में हुई थी वारदात
अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल ने बताया कि वारदात 27 नवंबर 2018 की है। सुदामाबाई ने परदेशीपुरा थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि वह परिवार के साथ फिरोज गांधी नगर में किराए के मकान में रहती है। उसके परिवार में पति बबलेश, पुत्री रानी और बेटा अंकेश हैं। वारदात वाले दिन रात 8.30 बजे जब वह काम से घर आई तो उसका पति घर पर था। जब उसने बेटी रानी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह इलाज कराने गई है।
जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या का प्रयास
इसके बाद पति सुदामाबाई के चरित्र पर शंका करते हुए विवाद करने लगा। उसका कहना था कि बेटी रानी भी इसमें अपनी मां की मदद कर रही है। पति ने कुल्हाड़ी से सुदामाबाई के सिर पर वार करने का प्रयास भी किया। जब उसने चिल्लाना शुरू किया तो पति ने पहले से गिलास में रखा जहरीला पदार्थ उसे पिलाने की कोशिश की, जब उसने नहीं पिया तो पति ने खुद उसे पी लिया। उसने डिब्बी में रखी जहरीली गोली भी खा ली। बाद में वह और उसका बेटा पति को अस्पताल के लिए एमवायएच ले गए।
कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ लगाया अर्थदंड
उपचार के दौरान बेटी के बारे में पूछने पर हत्यारे पति ने बताया कि उसने बेटी को मारकर घर में रखे ड्रम में डाल कर उसे बिस्तर रखकर छुपा दिया है। बाद वे घर आए और कमरे में रखे ड्रम से कपड़े हटाए तो उसमें रानी का शव पड़ा हुआ था। उसके गले में गमछा बंधा हुआ था। कोर्ट ने हत्यारे पिता को आजीवन कारावास के साथ-साथ अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
