
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 36 लोगों की मौत के मामले में हाई कोर्ट में चल रही याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हुई।
तीन पक्षकारों ने दिया नाम हटाने का आवेदन
याचिका में कई अफसर बने हैं पक्षकार
कॉपी न मिलने से टली बहस, 5 मई को सुनवाई
इंदौर। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर चल रही याचिकाओं में बुधवार को सुनवाई हुई। महापौर परिषद सदस्य अभिषेक शर्मा बबलू, पार्षद कमल वाघेला और तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने याचिकाओं में से अपना नाम हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। कोर्ट पांच मई को सुनवाई करेगा।
भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से हुई 36 लोगों की मौत के मामले में अलग-अलग याचिकाएं हाई कोर्ट में चल रही हैं। इनमें से एक याचिका में राज्य सरकार, नगर निगम के तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, महापौर परिषद सदस्य और जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा, तत्कालीन नर्मदा परियोजना प्रभारी संजीव श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला, कलेक्टर और निगमायुक्त को पक्षकार बनाया गया है।
पक्षकार का नाम याचिका से हटाया जाए
बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही सिसोनिया, शर्मा और वाघेला की ओर से वकील उपस्थित हुए। उन्होंने कोर्ट से आवेदन दिए कि उनके पक्षकार का नाम याचिका में से हटाया जाए। हालांकि याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों ने कहा कि उन्हें इस आवेदन की कापी अब तक नहीं मिली है इसलिए वे इस पर बहस नहीं कर सकते। इस पर कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी।
