
बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा बंधक श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम 1976 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय समिति की संयुक्त बैठक का आयोजन जिला पंचायत सभागृह, इंदौर में किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, श्री सिद्धार्थ जैन द्वारा की गई।
बैठक में सहायक श्रमायुक्त श्रीमती राखी जोशी ने वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में बाल श्रम एवं बंधक श्रम से संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत की गई कार्यवाहियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चाइल्ड लाइन के सदस्य उपस्थित रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जैन ने बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में बाल श्रम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम 1970 के अंतर्गत सभी ठेकेदारों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त तहसील महू में क्षेत्रीय निरीक्षक को अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के तहत पंजीयन की कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी प्रदान किए गए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाल श्रम एवं बंधक श्रम उन्मूलन हेतु सतत निगरानी, नियमित निरीक्षण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि जिले को इन कुप्रथाओं से मुक्त किया जा सके।
