NCRB की रिपोर्ट में सामने आया इंदौर के ट्रैफिक का डरावना सच, हिट एंड रन और बेलगाम ड्राइविंग से जा रही जान

By Abhishek Raghuvanshi
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एनसीआरबी की ‘क्राइम इन इंडिया-2024’ रिपोर्ट ने इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रैश ड्राइविंग में दिल्ली से छह गुना आगे इंदौर शहर
हर दिन एक मौत, हादसों की दर राष्ट्रीय औसत से दोगुनी
इंदौर में 320 सड़क दुर्घटनाओं में 325 लोगों की जान गई
इंदौर। देश के सबसे व्यवस्थित और स्मार्ट शहरों में गिने जाने वाले इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एनसीआरबी की ‘क्राइम इन इंडिया-2024’ रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर में सड़क हादसे, हिट एंड रन और बेलगाम ड्राइविंग के मामले राष्ट्रीय महानगर औसत से काफी ज्यादा हैं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि रैश ड्राइविंग के मामलों में इंदौर की दर दिल्ली से लगभग छह गुना अधिक दर्ज की है।
इंदौर में वर्ष 2024 के दौरान रैश ड्राइविंग के 3,168 मामले दर्ज हुए। प्रति लाख आबादी पर इसकी दर 146 रही, जो 19 बड़े महानगरों के औसत 50 से लगभग तीन गुना ज्यादा है। इस मामले में केवल कोझिकोड और कोच्चि इंदौर से आगे हैं। वहीं दिल्ली में यह दर केवल 26 रही। सड़क हादसों में मौत के मामलों ने भी चिंता बढ़ाई है।
320 दुर्घटना में 325 लोगों की गई जान
रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में 320 सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले दर्ज हुए, जिनमें 325 लोगों की जान गई। शहर की सड़क दुर्घटना मृत्यु दर 14.7 रही, जबकि 19 महानगरों का औसत सात है। यानी इंदौर में सड़क पर मौत का खतरा राष्ट्रीय महानगर औसत से दोगुना है। औसतन हर दिन एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है।
हिट एंड रन मामलों में भी स्थिति चिंताजनक है। इंदौर में 112 मामले दर्ज हुए, जिनकी दर 5.2 रही। यह 19 महानगरों के औसत 2.5 से दोगुनी है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इनमें 64 मामले पुराने आइपीसी और 48 नए बीएनएस प्रविधानों के तहत दर्ज किए गए।
लगातार बढ़ रही सख्ती
रिपोर्ट का दूसरा पक्ष यह भी दिखाता है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई बढ़ी है। मोटर व्हीकल एक्ट समेत एसएलएल मामलों में इंदौर पुलिस की चार्जशीटिंग दर 99.8% दर्ज हुई, जो देश के बड़े शहरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में शामिल मानी जा रही है।

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